लिंग जाँच प्रतिबंधित है
अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026
जयपुर हॉस्पिटल पर भ्रूण का लिंग पता करना या बताना नहीं किया जाता। यह प्रतिबंधित है और प्री-कॉन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (प्रोहिबिशन ऑफ सेक्स सिलेक्शन) एक्ट, 1994 (PC&PNDT Act) के तहत दंडनीय है।
कानून क्या कहता है
- कोई भी अल्ट्रासाउंड या किसी अन्य जाँच का उपयोग करके भ्रूण का लिंग पता नहीं कर सकता या किसी को बता नहीं सकता।
- कोई भी गर्भाधान से पहले या बाद में लिंग जाँच या लिंग चयन का विज्ञापन, पेशकश या माँग नहीं कर सकता।
- कानून तोड़ने पर डॉक्टर, सेंटर और जो कोई माँग करता है या मदद करता है, सभी को कैद और जुर्माना हो सकता है।
गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड
गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड केवल चिकित्सा कारणों से किया जाता है, जैसे बच्चे की वृद्धि, स्थिति और स्वास्थ्य, और प्लेसेंटा की जाँच। PC&PNDT Act के तहत ज़रूरी फॉर्म हर गर्भावस्था अल्ट्रासाउंड के लिए भरा जाता है, और रिकॉर्ड कानून के अनुसार रखे जाते हैं।
उल्लंघन की शिकायत करें
अगर कोई लिंग जाँच की पेशकश या माँग करता है, तो आप अपने जिले के PC&PNDT Act के तहत समुचित प्राधिकारी (Appropriate Authority) को रिपोर्ट कर सकते हैं, या हमें [email protected] पर बता सकते हैं।
हर बेटी अनमोल है।