इमरजेंसी 24×7इमरजेंसी · 0141 255 1500 S16A-17, Mahaveer Nagar, Tonk Road

जनरल मेडिसिन · जयपुर हॉस्पिटल

जयपुर में तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन)

आप छोड़ना चाहते हैं पर अकेले नहीं कर पाते। हम आपको साफ आकलन और कदम-दर-कदम योजना देते हैं।

  • 1991 से जयपुर की सेवा में (35 साल)
  • एनएबीएच मान्यता प्राप्त
  • 24×7 इमरजेंसी और आईसीयू
  • कैशलेस: RGHS, मा योजना, CGHS + 22 बीमा कंपनियाँ
सादा पैकेट दूर हटाता एक पुरुष, साथ में मसली सिगरेट और ख़ाली बोतल
सेशन की अवधि
हर सेशन 30 से 60 मिनट
एनेस्थीसिया (बेहोशी)
जरूरत नहीं
रिकवरी (ठीक होना)
6 से 12 महीने तक लगातार सहारा
कीमत
हर कंसल्टेशन ₹1,500 से ₹3,000इनपेशेंट डिटॉक्स प्रोग्राम ₹50,000 से ₹2,00,000भारत में आम रेंज; हमसे अनुमानित खर्च पूछें

सेवन काबू से बाहर लगता है

आपने कम करने की कोशिश की पर बार-बार वापस चले जाते हैं

तलब, विदड्रॉल के लक्षण और रोज़ का तनाव रोकना मुश्किल बनाते हैं। परिवार में तनाव बढ़ता है। काम प्रभावित होता है। आप एक ऐसे चक्र में फंसा महसूस करते हैं जिसे आप अकेले नहीं तोड़ सकते।

  • तलब जल्दी लौट आती है

    इच्छा इच्छाशक्ति से ज़्यादा मजबूत लगती है, खासकर तनाव या परिचित माहौल में।

  • विदड्रॉल डराता है

    छोड़ने की कोशिश में कांपना, पसीना, बेचैनी या उदासी उभरते हैं।

  • परिवार का भरोसा टूटा

    झगड़े, टूटे वादे और पैसों की तंगी घर में सब पर असर डालते हैं।

  • सेहत की चेतावनियाँ बढ़ती हैं

    लीवर में दर्द, हाई ब्लड प्रेशर, सांस फूलना या बार-बार संक्रमण आपको परेशान करते हैं।

  • काम का प्रदर्शन गिरता है

    गैरहाजिरी, ध्यान न लगना या दुर्घटनाएँ नौकरी को खतरे में डालती हैं।

अल्कोहल यूज़ डिसऑर्डर एक पुरानी, दोबारा होने वाली मेडिकल स्थिति है, कोई पसंद या चरित्र का दोष नहीं।

जयपुर हॉस्पिटल क्यों

आप डरते हैं कि विदड्रॉल बर्दाश्त से बाहर होगा, इलाज महंगा पड़ेगा, या मदद मांगने पर लोग आपको जज करेंगे।

  • 1991 से एनएबीएच मान्यता प्राप्त मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
  • 24×7 इमरजेंसी, आईसीयू, इन-हाउस लैब, फार्मेसी और इमेजिंग
  • RGHS, मा योजना, CGHS और पैनल्ड इंश्योरर्स के तहत कैशलेस इलाज

आपके इलाज का प्लान

हमारे साथ आपके पहले कदम

  1. 1 पहले आकलन के लिए कॉल करें या ओपीडी आएँ
  2. 2 काउंसलिंग और दवा विकल्पों के साथ व्यक्तिगत योजना पाएँ
  3. 3 आउटपेशेंट या छोटे इनपेशेंट स्टे के रूप में इलाज शुरू करें
  4. 4 6 से 12 महीने तक फॉलो-अप और दोबारा होने से रोकथाम जारी रखें

इलाज कैसे काम करता है

हम गंभीरता जांचते हैं, लीवर और सामान्य सेहत देखते हैं, फिर काउंसलिंग को मंजूरशुदा दवाओं के साथ जोड़ते हैं। सेशन 30 से 60 मिनट के होते हैं। ज़रूरत हो तो इनपेशेंट डिटॉक्सिफिकेशन 7 से 14 दिन चलता है। लगातार सहारा 6 से 12 महीने चलता है।

  • निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT)

    पैच, गम या लोजेंज तंबाकू की तलब और विदड्रॉल लक्षणों को धीरे-धीरे कम करते हैं।

  • शराब के लिए फार्माकोथेरेपी

    आपकी सेहत प्रोफाइल के आधार पर नाल्ट्रेक्सोन, एकैमप्रोसेट या डिसल्फिरम दी जा सकती है।

  • मोटिवेशनल इंटरव्यूइंग (MI)

    काउंसलिंग जो शराब या तंबाकू छोड़ने के लिए आपके अपने कारण और आत्मविश्वास बढ़ाती है।

  • इनपेशेंट डिटॉक्सिफिकेशन

    गंभीर निर्भरता के लिए मेडिकल निगरानी में विदड्रॉल, आमतौर पर अस्पताल में 7 से 14 दिन।

मरीज़ हम पर भरोसा क्यों करते हैं

  • 1991 35 साल से जयपुर की सेवा में
  • एनएबीएच मान्यता प्राप्त हॉस्पिटल
  • 1 जनरल मेडिसिन कंसल्टेंट
  • 24×7 इमरजेंसी, आईसीयू और एम्बुलेंस
  • 25 कैशलेस योजनाएँ और बीमा कंपनियाँ

शोध इलाज के नतीजों के बारे में क्या दिखाता है

  • NNT = 5

    कम अवधि के अध्ययनों में नाल्ट्रेक्सोन और काउंसलिंग से इलाज कराने वाले हर पांच मरीज़ों पर एक रिलैप्स रोका गया।

  • लगभग 10 प्रतिशत

    एकैमप्रोसेट लेने वाले लगभग 10 प्रतिशत मरीज़ों में अस्थायी दस्त होते हैं।

  • अधिकतर लोग ठीक होते हैं

    अध्ययन दिखाते हैं कि इलाज से अल्कोहल यूज़ डिसऑर्डर के अधिकतर लोग पीना कम कर देते हैं या पूरी तरह बंद कर देते हैं।

अगर इलाज न कराया जाए

बिना इलाज वाली निर्भरता लीवर फेलियर, दौरे, डेलिरियम ट्रेमेन्स, दिल की बीमारी, कैंसर, दुर्घटनाएं, नौकरी छूटना और टूटे पारिवारिक रिश्तों तक ले जा सकती है। गंभीर अल्कोहल विदड्रॉल जानलेवा हो सकता है।

इलाज के बाद की ज़िंदगी

लगातार सहारे से अधिकतर लोग काबू पा लेते हैं, घर में भरोसा फिर कायम करते हैं और स्थिर काम पर लौट आते हैं।

  • कम तलब

    समय और अभ्यास के साथ इच्छाएं संभालने लायक और कम बार की हो जाती हैं।

  • बेहतर सेहत

    छोड़ने के बाद लीवर फंक्शन, ब्लड प्रेशर और नींद आमतौर पर सुधरते हैं।

  • परिवार का भरोसा लौटता है

    ईमानदार बातचीत और निभाए वादे रिश्तों को कदम-दर-कदम जोड़ते हैं।

  • स्थिर कामकाजी रूटीन

    जब पदार्थ दिन पर हावी नहीं रहते तो हाजिरी और ध्यान बेहतर होते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन) के बारे में मरीज़ों के सवाल

तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन) के तहत किन समस्याओं का आकलन किया जाता है?

संक्षेप में

जयपुर हॉस्पिटल में तंबाकू निर्भरता, अल्कोहल उपयोग विकार, और अन्य पदार्थ उपयोग विकारों का आकलन व्यसन चिकित्सा सेवा के तहत किया जाता है। टीम निर्भरता की गंभीरता, विड्रॉल (वापसी के लक्षण) का जोखिम, और साथ में मौजूद चिकित्सकीय या मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों का मूल्यांकन करती है। इससे तय करने में मदद मिलती है कि आपके लिए ओपीडी काउंसलिंग, फार्माकोथेरेपी (दवा इलाज), या इनपेशेंट डिटॉक्सिफिकेशन (भर्ती करके नशा मुक्ति) में से क्या उचित है।

विस्तार से

सेवा में निकोटिन निर्भरता, हानिकारक अल्कोहल उपयोग, और ओपिओइड, कैनबिस, सेडेटिव, या अन्य पदार्थों पर निर्भरता शामिल है।

आकलन मानक नैदानिक मानदंडों जैसे DSM-5 के अनुसार अल्कोहल उपयोग विकार के लिए किया जाता है, जिसमें एक साल के अंदर ग्यारह लक्षणों में से दो या अधिक की आवश्यकता होती है।

टीम सामान्य कॉमोरबिडिटी (साथ की बीमारियाँ) जैसे डिप्रेशन, चिंता, और लिवर रोग की भी जांच करती है, जो पदार्थ उपयोग विकार वाले लोगों में अक्सर देखी जाती हैं।

प्रमाण दर्शाते हैं कि पदार्थ उपयोग और साथ की स्थितियों दोनों को संबोधित करने वाला समन्वित दृष्टिकोण निरंतर रिकवरी (ठीक होना) की संभावना में सुधार करता है।

एक आम धारणा

बहुत से लोग सोचते हैं कि नशा इलाज केवल गंभीर मामलों के लिए है।

असल में क्या होता है

वास्तव में, प्रारंभिक आकलन तब भी मदद करता है जब आप सिर्फ अपनी शराब या धूम्रपान की आदतों को लेकर चिंतित हों।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

आप 30 से 60 मिनट की ओपीडी कंसल्टेशन बुक कर सकते हैं।

डॉक्टर विस्तृत इतिहास लेंगे, आपके बदलाव की तैयारी का आकलन करेंगे, और एक व्यक्तिगत योजना पर चर्चा करेंगे जिसमें काउंसलिंग, दवा, या जरूरत पड़ने पर इनपेशेंट डिटॉक्स के लिए रेफरल शामिल हो सकता है। निरंतर सहायता आमतौर पर 6 से 12 महीनों तक दी जाती है।

डॉक्टर कैसे तय करेंगे कि मुझे कौन से टेस्ट चाहिए?

संक्षेप में

जयपुर हॉस्पिटल में डॉक्टर आपके पदार्थ उपयोग पैटर्न, चिकित्सा इतिहास, और नैदानिक परीक्षा के आधार पर टेस्ट चुनते हैं। सामान्य टेस्ट में लिवर फंक्शन टेस्ट, कम्पलीट ब्लड काउंट, किडनी फंक्शन, इलेक्ट्रोलाइट्स, और वायरल मार्कर जैसे हेपेटाइटिस B और C शामिल हैं। चुनाव शामिल पदार्थ और किसी भी संदिग्ध जटिलता के अनुरूप होता है।

विस्तार से

प्रमाण दर्शाते हैं कि लिवर फंक्शन टेस्ट अल्कोहल-संबंधी लिवर रोग के निदान और रिकवरी की निगरानी के लिए उपयोगी हैं। अल्कोहल उपयोग के लिए, गामा-ग्लूटामिल ट्रांसफरेज (GGT), AST, ALT, और बिलीरुबिन लिवर क्षति का आकलन करने में मदद करते हैं।

ओपिओइड या इंजेक्टिंग उपयोग के लिए, हेपेटाइटिस B, C, और HIV स्क्रीनिंग मानक हैं। अगर दौरे की चिंता है, तो इलेक्ट्रोलाइट्स, मैग्नीशियम, और कैल्शियम जांचे जाते हैं। CIWA-Ar स्केल अल्कोहल विड्रॉल के दौरान निगरानी का मार्गदर्शन करता है।

डॉक्टर केवल प्रासंगिक टेस्ट ऑर्डर करने के लिए नैदानिक दिशानिर्देशों का पालन करते हैं, अनावश्यक जांच से बचते हुए नाल्ट्रेक्सोन जैसी दवाएं शुरू करने से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, जिसके लिए बेसलाइन लिवर फंक्शन आवश्यक है।

एक आम धारणा

मरीज कभी-कभी फुल बॉडी चेक-अप की उम्मीद करते हैं।

असल में क्या होता है

लेकिन दिशानिर्देश लक्षित परीक्षण की सलाह देते हैं: अल्कोहल के लिए लिवर फंक्शन, इंजेक्टिंग ड्रग उपयोग के लिए हेपेटाइटिस और HIV, विड्रॉल जोखिम के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स। यह अनावश्यक टेस्ट से बचाता है जबकि उन जटिलताओं को पकड़ता है जो वास्तव में इलाज के फैसले बदलती हैं।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

टेस्ट इन-हाउस डायग्नोस्टिक लैब में किए जाते हैं, अक्सर उसी दिन। परिणाम आमतौर पर कुछ घंटों से एक दिन के भीतर उपलब्ध होते हैं।

डॉक्टर उनकी समीक्षा करते हैं और देखभाल योजना को समायोजित करते हैं, उदाहरण के लिए अगर लिवर खराबी महत्वपूर्ण है तो नाल्ट्रेक्सोन के बजाय एकैमप्रोसेट चुनना। आपको किसी भी असामान्य निष्कर्ष और अगले कदमों के बारे में सूचित किया जाएगा। जयपुर हॉस्पिटल में कंसल्टेशन शेड्यूल करें ताकि मूल्यांकन शुरू हो सके।

डी-एडिक्शन इलाज शुरू करने के बाद मुझे सुधार की उम्मीद कब करनी चाहिए?

संक्षेप में

सुधार की समयसीमा जयपुर हॉस्पिटल में पदार्थ और इलाज के प्रकार के अनुसार भिन्न होती है। विड्रॉल लक्षण आमतौर पर इनपेशेंट डिटॉक्स के दौरान 7 से 14 दिनों में ठीक हो जाते हैं। नाल्ट्रेक्सोन या एकैमप्रोसेट जैसी दवाओं से लालसा में कमी हफ्तों में शुरू हो सकती है। काउंसलिंग से व्यवहार परिवर्तन 6 से 12 महीने की चल रही सहायता में बनते हैं।

विस्तार से

सबूत इंगित करते हैं कि नाल्ट्रेक्सोन भारी पीने के जोखिम को 10% और किसी भी पीने को 5% कम करता है। एकैमप्रोसेट संयम का समर्थन करता है, हालांकि ट्रायल परिणाम मिश्रित हैं। टोपिरामेट संयम के दिनों को बढ़ाने के लिए मध्यम प्रभाव आकार दिखाता है।

मोटिवेशनल इंटरव्यूइंग जैसी काउंसलिंग बदलाव की तैयारी बढ़ाती है। रिकवरी एक सतत प्रक्रिया है जिसमें रिलैप्स की एक स्थायी प्रवृत्ति होती है।

एक आम धारणा

एक आम धारणा है कि डिटॉक्स खत्म होने का मतलब रिकवरी पूरी हो गई।

असल में क्या होता है

वास्तव में, डिटॉक्स केवल पदार्थ को साफ करता है। मस्तिष्क और आदतों को फिर से जोड़ने के लिए महीनों के समर्थन की आवश्यकता होती है। जल्दी फॉलो-अप रोकने से अक्सर रिलैप्स होता है।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

आपके पास 30 से 60 मिनट के प्रत्येक फॉलो-अप सत्र होंगे। दवा के प्रभावों की समीक्षा प्रत्येक दौरे पर की जाती है।

अधिकांश लोग पहले महीने के भीतर सार्थक परिवर्तन देखते हैं, लेकिन निरंतर रिकवरी को 6 से 12 महीने के समर्थन की आवश्यकता होती है।

मैं कैसे जानूँ कि मेरा शराब या तंबाकू उपयोग निर्भरता बन चुका है?

संक्षेप में

निर्भरता का निदान तब होता है जब उपयोग महत्वपूर्ण हानि या परेशानी पैदा करे। शराब के लिए, स्वास्थ्य प्रदाता DSM-5 मानदंड उपयोग करते हैं: 12 महीने में 11 में से 2 या अधिक लक्षण अल्कोहल यूज़ डिसऑर्डर दर्शाते हैं। माइल्ड 2 से 3 लक्षण, मॉडरेट 4 से 5, सीवियर 6 या अधिक। तंबाकू के लिए, निर्भरता में रोक न पाना, उपयोग न करने पर विड्रॉल लक्षण, सहनशीलता, और स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद उपयोग जारी रखना शामिल है। जयपुर हॉस्पिटल मान्य स्क्रीनिंग टूल और क्लिनिकल असेसमेंट उपयोग करता है।

विस्तार से

अल्कोहल यूज़ डिसऑर्डर के लक्षणों में नियंत्रण में कमी, सामाजिक समस्याएँ, जोखिम भरा उपयोग, और सहनशीलता व विड्रॉल जैसे शारीरिक मानदंड शामिल हैं।

हेवी ड्रिंकिंग की परिभाषा: पुरुषों के लिए एक दिन में 5 या अधिक ड्रिंक या हफ्ते में 15, महिलाओं के लिए एक दिन में 4 या अधिक या हफ्ते में 8। तंबाकू निर्भरता व्यापक है; भारत में 55.8 प्रतिशत पुरुष तंबाकू उपयोग करते हैं।

AUDIT जैसे स्क्रीनिंग टूल खतरनाक पीने की पहचान करते हैं। अध्ययनों में, 17 से 26 प्रतिशत शराब उपयोगकर्ता निर्भरता के योग्य पाए गए। कॉमॉर्बिड डिप्रेशन, एंग्जायटी, और पर्सनैलिटी डिसऑर्डर आम हैं। लिवर फंक्शन टेस्ट शराब-संबंधी क्षति आंकने में मदद करते हैं। सेल्फ-रिपोर्ट का लैब टेस्टिंग के साथ मध्यम सहमति होती है।

  • तंबाकू निर्भरता व्यापक है; भारत में 55.8 प्रतिशत पुरुष तंबाकू उपयोग करते हैं।

एक आम धारणा

कई सोचते हैं निर्भरता का मतलब रोज़ भारी उपयोग है।

असल में क्या होता है

लेकिन वीकेंड बिंज ड्रिंकिंग या कभी-कभी धूम्रपान से भी डिसऑर्डर हो सकता है अगर यह समस्याएँ पैदा करे। हाई-फंक्शनिंग लोग अक्सर संकेत चूक जाते हैं। स्क्रीनिंग वह पकड़ लेती है जो सेल्फ-असेसमेंट छूट जाता है।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

अगर आप कई मानदंडों पर हाँ कहते हैं — कम न कर पाना, तलब, कर्तव्य उपेक्षा, विड्रॉल लक्षण, सहनशीलता — तो असेसमेंट करवाएँ। कंसल्टेशन 30 से 60 मिनट की होती है। संभव हो तो अटेंडेंट साथ लाएँ। खून की जाँच करवाई जा सकती है।

मैं कैसे तय करूँ कि गुटखा और स्मोकलेस तंबाकू छोड़ने की सलाह लेनी चाहिए?

संक्षेप में

जयपुर हॉस्पिटल में सलाह लेने का सोचें अगर आप रोज़ गुटखा या स्मोकलेस तंबाकू लेते हैं, छोड़ने की कोशिश करके फिर शुरू कर दिया, मुँह में सफेद धब्बे या घाव देखे हैं, या लगता है कि इसके बिना काम नहीं चल सकता। जल्दी कंसल्टेशन छोड़ने की सफलता बढ़ाता है और कैंसर जोखिम घटाता है।

विस्तार से

स्मोकलेस तंबाकू निकोटिन की ज़्यादा डोज़ देता है, जिससे मजबूत निर्भरता होती है। निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (पैच, गम, लोज़ेंज) विदड्रॉल तलब कम करती है और पहली लाइन की फार्माकोथेरेपी है।

बिहेवियरल काउंसलिंग तनाव, सामाजिक हालात, या मुँह की आदत जैसे ट्रिगर पहचानने में मदद करती है। अध्ययन दिखाते हैं कि NRT और काउंसलिंग मिलाकर बिना मदद की कोशिश के मुकाबले अब्सटिनेंस दर लगभग दोगुनी कर देते हैं।

कंसल्टेशन के दौरान मुँह की जाँच से ल्यूकोप्लाकिया या सबम्यूकस फाइब्रोसिस जैसे प्री-कैंसरस घाव पकड़ में आते हैं, जिन्हें निगरानी या रेफरल चाहिए। फेगरस्ट्रॉम टेस्ट निकोटिन निर्भरता की गंभीरता बताता है। अगर आपको हाइपरटेंशन या डायबिटीज़ जैसी दूसरी कंडीशन हैं, तो मेडिकल सुपरविज़न से NRT सुरक्षित रहता है।

एक आम धारणा

बहुत यूज़र मानते हैं कि गुटखा धूम्रपान से सुरक्षित है।

असल में क्या होता है

ऐसा नहीं है; इसमें ओरल कैंसर का ज़्यादा जोखिम और मजबूत निकोटिन लत होती है। लक्षणों का इंतज़ार करने का मतलब अक्सर शुरुआती इलाज योग्य बदलाव चूक जाना होता है।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

पहली विज़िट 30 से 60 मिनट लेती है। डॉक्टर निर्भरता स्तर देखेंगे, मुँह की जाँच करेंगे, NRT विकल्प बताएँगे, और फॉलो-अप प्लान के साथ क्विट डेट तय करेंगे। पहले महीने सेशन साप्ताहिक या पाक्षिक चलते हैं। जयपुर हॉस्पिटल में कंसल्टेशन बुक करके अपनी तैयारी जाँचें और स्ट्रक्चर्ड सेशन प्रोग्राम शुरू करें।

क्या कई मेडिकल कंडीशन या दवाएं मेरे लक्षणों में योगदान दे सकती हैं?

संक्षेप में

हां। जयपुर हॉस्पिटल में एडिक्शन मेडिसिन टीम नियमित रूप से कॉमॉर्बिड मेडिकल और साइकियाट्रिक कंडीशन की स्क्रीनिंग करती है और सभी मौजूदा दवाओं की समीक्षा करती है। डिप्रेशन, एंग्ज़ायटी, लिवर की बीमारी, डायबिटीज़, हाइपरटेंशन, या क्रॉनिक पेन जैसी कंडीशन सब्सटेंस यूज़ को बढ़ा सकती हैं या विड्रॉल जैसे लक्षण पैदा कर सकती हैं।

विस्तार से

सबूत दिखाते हैं कि सब्सटेंस यूज़ डिसऑर्डर और अन्य साइकियाट्रिक बीमारियों में लाइफटाइम कॉमॉर्बिडिटी क़रीब 60% होती है। शराब लिवर डिसफंक्शन, गैस्ट्राइटिस, न्यूरोपैथी, और कार्डियोमायोपैथी पैदा कर सकती है या बढ़ा सकती है।

ओपिओइड और सेडेटिव अन्य सेंट्रल नर्वस सिस्टम डिप्रेसेंट के साथ खतरनाक तरीके से इंटरैक्ट करते हैं। कुछ दवाएं (जैसे कुछ एंटीडिप्रेसेंट, एंटीसाइकोटिक, या एंटीकॉन्वल्सेंट) क्रेविंग, विड्रॉल की गंभीरता, या उन लिवर एंज़ाइम को प्रभावित कर सकती हैं जो एडिक्शन की दवाओं को मेटाबोलाइज़ करते हैं।

डिसल्फिरम कार्डियोवैस्कुलर बीमारी और साइकोसिस में कॉन्ट्रेनडिकेटेड है। एकैमप्रोसेट में रीनल इम्पेयरमेंट में खुराक एडजस्टमेंट चाहिए। नाल्ट्रेक्सोन एक्यूट हेपेटाइटिस या लिवर फेल्योर में कॉन्ट्रेनडिकेटेड है। एक व्यापक समीक्षा प्रतिकूल इंटरैक्शन से बचाती है और सुनिश्चित करती है कि हर कंडीशन का उचित इलाज हो।

  • सबूत दिखाते हैं कि सब्सटेंस यूज़ डिसऑर्डर और अन्य साइकियाट्रिक बीमारियों में लाइफटाइम कॉमॉर्बिडिटी क़रीब 60% होती है।

एक आम धारणा

मरीज़ अक्सर एडिक्शन को अकेले में इलाज करते हैं।

असल में क्या होता है

लेकिन अनुपचारित डिप्रेशन रिलैप्स बढ़ाता है, और लिवर की बीमारी बदल देती है कि एडिक्शन की दवाएं कैसे काम करती हैं। इन कड़ियों को नज़रअंदाज़ करने से नतीजे खराब होते हैं।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

अपनी पहली विज़िट पर सभी दवाओं, सप्लीमेंट, और पिछली जांच रिपोर्ट की सूची साथ लाएं। टीम ज़रूरी खून की जांच (लिवर फंक्शन, रीनल फंक्शन, इलेक्ट्रोलाइट) करवाएगी और ज़रूरत पड़ने पर साइकियाट्री, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, या कार्डियोलॉजी में रेफर करेगी।

किन लक्षणों पर मुझे विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए?

संक्षेप में

आपको जयपुर हॉस्पिटल में विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए अगर आप तंबाकू, अल्कोहल, या अन्य पदार्थों का उपयोग रोकना चाहने के बावजूद नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं। अन्य संकेतों में तीव्र लालसा (क्रेविंग), सहनशीलता (उसी प्रभाव के लिए अधिक मात्रा की आवश्यकता), कम करने पर विड्रॉल लक्षण, और स्वास्थ्य, परिवार, या काम की समस्याओं के बावजूद निरंतर उपयोग शामिल हैं।

विस्तार से

अल्कोहल उपयोग विकार का निदान तब होता है जब एक साल के अंदर DSM-5 के ग्यारह लक्षणों में से कम से कम दो मौजूद हों।

इनमें इरादे से अधिक या लंबे समय तक पीना, कम करने के असफल प्रयास, अल्कोहल प्राप्त करने या उससे उबरने में बहुत समय बिताना, लालसा, प्रमुख दायित्वों को पूरा न कर पाना, सामाजिक या पारस्परिक समस्याओं के बावजूद उपयोग जारी रखना, महत्वपूर्ण गतिविधियाँ छोड़ देना, खतरनाक स्थितियों में उपयोग, शारीरिक या मनोवैज्ञानिक समस्याओं के बावजूद उपयोग, सहनशीलता, और विड्रॉल शामिल हैं।

तंबाकू के लिए, दैनिक उपयोग, तीव्र इच्छा, और विड्रॉल में चिड़चिड़ापन या बेचैनी प्रमुख संकेतक हैं। प्रारंभिक परामर्श टीम को गंभीरता का आकलन करने और जटिलताएँ बढ़ने से पहले उचित इलाज शुरू करने की अनुमति देता है।

एक आम धारणा

लोग अक्सर नौकरी छूटने या मेडिकल इमरजेंसी जैसे संकट का इंतजार करते हैं।

असल में क्या होता है

विशेषज्ञ को जल्दी दिखाने से आपको अधिक विकल्प मिलते हैं और गंभीर जटिलताओं का जोखिम कम होता है।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

अगर आप इनमें से किसी पैटर्न को पहचानते हैं, तो ओपीडी कंसल्टेशन बुक करें। पहली विजिट 30 से 60 मिनट की होती है और इसमें विस्तृत आकलन शामिल है।

डॉक्टर मोटिवेशनल इंटरव्यूइंग, निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी, या अल्कोहल निर्भरता के लिए नाल्ट्रेक्सोन या एकैमप्रोसेट जैसी दवाओं जैसे विकल्पों पर चर्चा करेंगे। निरंतर फॉलो-अप आमतौर पर 6 से 12 महीनों के लिए तय किया जाता है।

मेरे टेस्ट के नतीजे मेरे इलाज की योजना को कैसे बदलेंगे?

संक्षेप में

जयपुर हॉस्पिटल में टेस्ट के नतीजे सीधे दवा के चुनाव, डिटॉक्स की सेटिंग और निगरानी की आवृत्ति को प्रभावित करते हैं। असामान्य लिवर फंक्शन शराब की फार्माकोथेरेपी को नाल्ट्रेक्सोन से एकैमप्रोसेट में बदल सकता है। गंभीर इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन या विड्रॉल स्कोर 7 से 14 दिनों के लिए इनपेशेंट डिटॉक्स की ओर इशारा कर सकते हैं, बजाय आउटपेशेंट प्रबंधन के। हेपेटाइटिस या एचआईवी पॉजिटिविटी योजना में एंटीवायरल देखभाल जोड़ती है।

विस्तार से

सबूत दिखाते हैं कि नाल्ट्रेक्सोन में डोज से संबंधित हेपेटोटॉक्सिसिटी होती है और यह एक्यूट हेपेटाइटिस या लिवर फेल्योर में कॉन्ट्रेनडिकेटेड है। एकैमप्रोसेट लिवर की बीमारी में सुरक्षित है लेकिन गंभीर किडनी खराबी में कॉन्ट्रेनडिकेटेड है।

CIWA-Ar स्कोर शराब विड्रॉल के दौरान बेंजोडायजेपाइन डोजिंग का मार्गदर्शन करता है। उच्च स्कोर या डेलिरियम ट्रेमेन्स या दौरे का इतिहास इनपेशेंट डिटॉक्स के पक्ष में होता है। ओपियोइड उपयोग के लिए, लिवर और किडनी फंक्शन एगोनिस्ट थेरेपी डोजिंग का मार्गदर्शन करते हैं।

पॉजिटिव वायरल मार्कर को विशिष्ट एंटीवायरल उपचार के लिए रेफरल की आवश्यकता होती है। डॉक्टर सभी नतीजों को मिलाकर प्रभावकारिता और सुरक्षा को संतुलित करते हैं, 6 से 12 महीने की सहायता अवधि में प्रत्येक फॉलो-अप पर योजना को समायोजित करते हैं।

एक आम धारणा

लोग अक्सर सोचते हैं कि टेस्ट केवल एक औपचारिकता है।

असल में क्या होता है

वास्तव में, वे तय करते हैं कि क्या आप सुरक्षित रूप से कुछ दवाएं ले सकते हैं, क्या आपको डिटॉक्स के लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता है, और आपको कितनी बार निगरानी की आवश्यकता है। एक असामान्य लिवर टेस्ट आपकी पूरी दवा की राह बदल सकता है।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

आप अपने अगले दौरे पर, आमतौर पर एक सप्ताह के भीतर, डॉक्टर के साथ नतीजों पर चर्चा करेंगे। दवा शुरू, बदली या अलग ढंग से डोज की जा सकती है।

यदि इनपेशेंट डिटॉक्स की सलाह दी जाती है, तो प्रवेश तुरंत व्यवस्थित किया जा सकता है। चल रही निगरानी में पहले तीन महीनों के लिए मासिक लिवर फंक्शन टेस्ट दोहराना शामिल है यदि नाल्ट्रेक्सोन पर हैं, फिर तिमाही। जयपुर हॉस्पिटल में अपना परामर्श बुक करें ताकि आपके टेस्ट के नतीजों के अनुरूप योजना मिल सके।

अगर इलाज के दौरान मेरे विड्रॉल के लक्षण या तलब बने रहें या बढ़ जाएँ तो मुझे क्या करना चाहिए?

संक्षेप में

अगर जयपुर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान विड्रॉल के लक्षण बढ़ें या नए लक्षण दिखें, तो तुरंत अपनी ट्रीटिंग टीम से संपर्क करें। शराब के गंभीर विड्रॉल के लक्षण जैसे भ्रम, मतिभ्रम, दौरे, या तेज कंपकंपी होने पर 24×7 इमरजेंसी विभाग जाएँ। ओपिओइड विड्रॉल में गंभीर उल्टी, दस्त, या डिहाइड्रेशन होने पर तत्काल देखभाल लें। लगातार तलब बनी रहे तो अगली कंसल्टेशन में दवा एडजस्टमेंट या अतिरिक्त काउंसलिंग के लिए चर्चा करें।

विस्तार से

डेलिरियम ट्रेमेन्स शराब विड्रॉल की जानलेवा जटिलता है जिसमें तुरंत मेडिकल देखभाल चाहिए। दौरे शराब और ओपिओइड दोनों के विड्रॉल में हो सकते हैं।

नाल्ट्रेक्सोन से अधिक डोज़ पर डोज़-संबंधी हेपेटोटॉक्सिसिटी हो सकती है, इसलिए लिवर फंक्शन टेस्ट तीन महीने तक मासिक फिर तिमाही किए जाते हैं। एकैमप्रोसेट से आमतौर पर क्षणिक दस्त होते हैं। टोपिरामेट से संज्ञानात्मक दुष्प्रभाव हो सकते हैं जिनके लिए धीमा टाइट्रेशन चाहिए।

डिसल्फिरम के साथ शराब लेने पर टैकीकार्डिया, मतली, उल्टी जैसी गंभीर प्रतिक्रिया होती है। अगर रिलैप्स हो जाए तो तुरंत इलाज पर लौटें। अध्ययन दिखाते हैं कि रिलैप्स का मतलब यह नहीं कि आप रिकवर नहीं कर सकते। टीम आउटपेशेंट सपोर्ट बढ़ा सकती है या ज़रूरत पड़ने पर इनपेशेंट केयर के लिए दोबारा भर्ती कर सकती है।

एक आम धारणा

लोग अक्सर देर कर देते हैं, यह सोचकर कि विड्रॉल बस तकलीफदेह है।

असल में क्या होता है

लेकिन शराब विड्रॉल घंटों में खतरनाक हो सकता है। ओपिओइड विड्रॉल से गंभीर डिहाइड्रेशन हो सकती है। जल्दी मेडिकल दखल जटिलताएँ रोकता है।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

इमरजेंसी नंबर 0141-2551500 और +91-7414-001-001 पास रखें। सभी तय फॉलो-अप पर जाएँ डोज़ रिव्यू और साइड इफेक्ट मॉनिटरिंग के लिए। विज़िट के दौरान एक अटेंडेंट साथ लाएँ। यात्रा पर हों तो पर्याप्त दवा और प्रिस्क्रिप्शन कॉपी साथ रखें।

क्या मेरे लिए शराब या तंबाकू को अचानक अपने दम पर छोड़ना सुरक्षित है?

संक्षेप में

अचानक छोड़ना खतरनाक हो सकता है, खासकर शराब के लिए। मध्यम या गंभीर अल्कोहल यूज़ डिसऑर्डर वाले लोग अगर अचानक रुकें तो डेलिरियम ट्रेमेन्स विकसित कर सकते हैं, एक जानलेवा स्थिति जिसमें दौरे और मतिभ्रम होते हैं और तुरंत मेडिकल देखभाल चाहिए। ओपिओइड विड्रॉल से भी डेलिरियम और कन्वल्शन हो सकते हैं। तंबाकू छोड़ना चिकित्सकीय रूप से कम खतरनाक है लेकिन असहज विड्रॉल देता है। जयपुर हॉस्पिटल रुकने से पहले मेडिकल असेसमेंट की सलाह देता है।

विस्तार से

अल्कोहल विड्रॉल सिंड्रोम की निगरानी CIWA-A स्केल से की जाती है। सुरक्षित डिटॉक्सिफिकेशन के लिए बेंजोडायजेपाइन जैसे लोराज़ेपाम या क्लोरडायज़ेपॉक्साइड उपयोग होते हैं। 7 से 14 दिन का इनपेशेंट डिटॉक्सिफिकेशन दौरे, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, और डेलिरियम की निगरानी देता है।

तंबाकू के लिए, निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (पैच, गम, लोजेंज) विड्रॉल गंभीरता कम करती है और छोड़ने की दर दोगुनी करती है। शराब की दवाएँ जैसे नाल्ट्रेक्सोन, एकैमप्रोसेट, या डिसल्फिरम डिटॉक्स के बाद शुरू होती हैं।

डिसल्फिरम हाल में शराब लेने, साइकोसिस, या हृदय रोग में कॉन्ट्रेनडिकेटेड है। नाल्ट्रेक्सोन लिवर फेल्योर या चल रहे ओपिओइड उपयोग में कॉन्ट्रेनडिकेटेड है। एकैमप्रोसेट रीनल इनसफिशिएंसी या एडवांस्ड सिरोसिस में टाला जाता है।

एक आम धारणा

कई मानते हैं इच्छाशक्ति काफी है।

असल में क्या होता है

लेकिन अल्कोहल विड्रॉल मेडिकल इमरजेंसी का जोखिम है। अध्ययन दिखाते हैं कि मेडिकली सुपरवाइज़्ड डिटॉक्स जटिलताएँ कम करता है। तंबाकू के लिए भी, निकोटिन रिप्लेसमेंट अकेले छोड़ने की तुलना में सफलता दोगुनी करती है।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

भारी शराब उपयोग मेडिकल सलाह के बिना न रोकें। जयपुर हॉस्पिटल में सेफ्टी असेसमेंट के लिए कंसल्टेशन बुक करें। टीम आपका पीने का पैटर्न, पिछला विड्रॉल इतिहास, मेडिकल कंडीशन, और दवाएँ जाँचेगी। वे सुरक्षित कमी या मेडिकली सुपरवाइज़्ड डिटॉक्स प्लान करेंगे। तंबाकू के लिए, वे निकोटिन रिप्लेसमेंट या अन्य सहायता पर सलाह देंगे।

सवाल-जवाब

तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन): सवाल और जवाब

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पूरी जानकारी

तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन): ज़रूरी जानकारी

तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन) क्या इलाज करती है

भारत में पदार्थ उपयोग
  • लगभग 21 प्रतिशत शराब उपयोग की रिपोर्ट करने वाले वयस्क
  • लगभग 4 प्रतिशत निर्भरता मानदंड पूरा करने वाले वयस्क
  • 41 से 50 वर्ष की आयु के पुरुष अधिक तंबाकू उपयोग वाला समूह

तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन) पदार्थ उपयोग विकारों की चिकित्सा देखभाल है। ये स्वास्थ्य स्थितियाँ हैं जिनमें व्यक्ति तंबाकू, शराब या अन्य नशीली दवाओं के उपयोग को नियंत्रित नहीं कर पाता, भले ही इससे उसके शरीर, रिश्तों या दैनिक जीवन को नुकसान पहुँच रहा हो।

अल्कोहल उपयोग विकार पीने का एक पैटर्न है जो दो या अधिक लक्षणों से जुड़ी समस्याओं की ओर ले जाता है, जैसे तेज़ तलब, पीने को सीमित न कर पाना, या स्वास्थ्य या सामाजिक समस्याओं के बावजूद पीते रहना। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कितने लक्षण मौजूद हैं, हल्का, मध्यम या गंभीर हो सकता है।

ओपिओइड उपयोग विकार एक पुरानी रिलैप्सिंग बीमारी है जो पहले मस्तिष्क के इनाम सर्किट को सक्रिय करती है और समय के साथ एंटी-रिवॉर्ड सर्किट को शामिल करती है जो नकारात्मक भावनात्मक अवस्थाओं और रिलैप्स को बढ़ावा देते हैं। तंबाकू निर्भरता में निकोटिन की लत शामिल है जो धूम्रपान या धुआँरहित तंबाकू का उपयोग बंद करना मुश्किल बना देती है।

भारत में, तंबाकू के अलावा शराब प्राथमिक पदार्थ है जिसका उपयोग किया जाता है, लगभग 21 प्रतिशत वयस्क शराब के उपयोग की रिपोर्ट करते हैं और लगभग 4 प्रतिशत निर्भरता के मानदंडों को पूरा करते हैं। तंबाकू का उपयोग अधिक बना हुआ है, विशेष रूप से 41 से 50 वर्ष की आयु के पुरुषों में।

कई लोग एक ही समय में एक से अधिक पदार्थों का उपयोग करते हैं; अध्ययन (स्टडी) दवा उपयोगकर्ताओं में शराब और तंबाकू के संयुक्त उपयोग की उच्च दर दिखाते हैं।

लक्षण और चेतावनी संकेत जिन्हें तत्काल देखभाल की आवश्यकता है

तत्काल चेतावनी संकेत
  • गंभीर भ्रम
  • कांपना
  • तेज़ बुखार
  • दौरे
  • वो चीजें देखना या सुनना जो वहाँ नहीं हैं
इमरजेंसी? 0141 255 1500 पर कॉल करें, 24×7

अल्कोहल उपयोग विकार के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • एक बार शुरू करने के बाद पीना बंद न कर पाना
  • वही प्रभाव महसूस करने के लिए अधिक शराब की आवश्यकता होना
  • पीने या उससे उबरने में बहुत समय बिताना
  • स्वास्थ्य, काम या पारिवारिक समस्याएं पैदा होने पर भी पीते रहना

तंबाकू के साथ, मुख्य संकेत हैं:

  • तेज़ तलब
  • छोड़ने की कोशिश करते समय चिड़चिड़ापन या बेचैनी
  • स्वास्थ्य जोखिम जानने के बावजूद धूम्रपान जारी रखना

ओपिओइड उपयोग विकार ओपिओइड उपयोग की प्रबल इच्छा, उपयोग को नियंत्रित करने में कठिनाई, और दवा का असर खत्म होने पर विदड्रॉल लक्षणों के रूप में सामने आता है।

कुछ स्थितियों में उसी दिन चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता होती है। यदि भारी शराब उपयोग वाला व्यक्ति अचानक पीना बंद कर देता है, तो उसे डेलिरियम ट्रेमेन्स विकसित हो सकता है, यह विदड्रॉल की एक गंभीर अवस्था है जो भ्रम, मतिभ्रम, दौरे का कारण बनती है और जानलेवा हो सकती है।

गंभीर अल्कोहल विदड्रॉल से ऐंठन भी हो सकती है। ओपिओइड विदड्रॉल भी डेलिरियम और ऐंठन से जटिल हो सकता है। यदि आप या परिवार का कोई सदस्य गंभीर भ्रम, कांपना, तेज़ बुखार, दौरे, या उन चीजों को देखना या सुनना नोटिस करे जो वहाँ नहीं हैं, तो तुरंत इमरजेंसी विभाग जाएँ। जयपुर हॉस्पिटल ऐसे संकटों के लिए गहन देखभाल इकाई के साथ 24×7 इमरजेंसी विभाग चलाता है।

कारण और किसे अधिक जोखिम है

भारत में जोखिम कारक
  • लगभग 60 प्रतिशत मनोरोग बीमारी के साथ कॉमॉर्बिडिटी
  • 211 प्रति 1000 औद्योगिक श्रमिकों में खतरनाक पीना

अल्कोहल से संबंधित समस्याएं बहुत अधिक, बहुत तेज़, या बहुत बार पीने से आती हैं। लोग नौकरी छूटने, तलाक या शोक जैसी तनावपूर्ण घटनाओं से निपटने के लिए पीना शुरू कर सकते हैं।

ओपिओइड उपयोग विकार तब शुरू होता है जब ओपिओइड मस्तिष्क के इनाम सर्किट को सक्रिय करते हैं; निरंतर उपयोग के साथ मस्तिष्क अनुकूलित होता है और एंटी-रिवॉर्ड सर्किट हावी हो जाते हैं, जो दवा न होने पर लालसा और नकारात्मक मनोदशा को बढ़ाते हैं।

बचपन के अंत या किशोरावस्था की शुरुआत में नियमित शराब उपयोग शुरू करना वयस्क जीवन में भारी पीने की उच्चतम दरों से जुड़ा हुआ है।

जोखिम कारकों में पदार्थ उपयोग विकारों का पारिवारिक इतिहास, अवसाद या चिंता जैसी मानसिक स्वास्थ्य स्थितियाँ, और उच्च तनाव वाले वातावरण शामिल हैं। भारत में, अध्ययन (स्टडी) पदार्थ निर्भरता और अन्य मनोरोग बीमारियों के बीच लगभग 60 प्रतिशत आजीवन कॉमॉर्बिडिटी दिखाते हैं। औद्योगिक श्रमिकों में खतरनाक पीने का प्रसार 211 प्रति 1000 अनुमानित किया गया है।

पदार्थ उपयोग विकार सभी सामाजिक-आर्थिक समूहों की महिलाओं को प्रभावित करते हैं। कलंक लोगों को अलग-थलग महसूस करा सकता है और मदद मांगने में देरी करवा सकता है, लेकिन अल्कोहल उपयोग विकार एक चिकित्सा स्थिति है, कोई विकल्प या चरित्र दोष नहीं।

पदार्थ उपयोग विकारों का निदान कैसे किया जाता है

निदान कैसे काम करता है
DSM-5 मानदंड
12 महीनों में ग्यारह लक्षणों में से दो या अधिक
CIWA-A स्केल
शराब छोड़ने की गंभीरता की निगरानी करता है
लिवर फंक्शन टेस्ट
शराब से संबंधित लिवर क्षति की जांच करता है

निदान मानक मानदंडों का उपयोग करके नैदानिक मूल्यांकन पर आधारित है। अल्कोहल उपयोग विकार के लिए, स्वास्थ्य सेवा प्रदाता DSM-5 मानदंडों का उपयोग करते हैं: एक व्यक्ति में 12 महीने की अवधि के भीतर ग्यारह लक्षणों में से दो या अधिक होने चाहिए।

इस स्थिति को तब इस प्रकार वर्गीकृत किया जाता है:

  • हल्का (दो से तीन लक्षण)
  • मध्यम (चार से पांच लक्षण)
  • गंभीर (छह या अधिक लक्षण)

आपका डॉक्टर आपके पीने के पैटर्न के बारे में पूछेगा, यह आपके जीवन को कैसे प्रभावित करता है, और आपको किन विदड्रॉल लक्षणों का अनुभव हुआ है।

अल्कोहल विदड्रॉल की गंभीरता के लिए, लक्षणों की निगरानी और उपचार का मार्गदर्शन करने के लिए CIWA-A स्केल का उपयोग किया जाता है। लिवर फंक्शन टेस्ट अल्कोहल से संबंधित लिवर क्षति के निदान और रिकवरी (ठीक होना) की निगरानी के लिए उपयोगी हैं।

ओपिओइड और अन्य नशीली दवाओं के उपयोग के लिए, स्व-रिपोर्ट मूत्र या खून की जाँच के साथ मिलकर हाल के उपयोग की पुष्टि कर सकती है। भारी शराब उपयोग की जांच प्राथमिक देखभाल में करने की सिफारिश की जाती है और इसे सरल मान्य उपकरणों से किया जा सकता है।

गर्भावस्था में, पदार्थ उपयोग की जांच पहली प्रसव पूर्व यात्रा का हिस्सा होनी चाहिए। जयपुर हॉस्पिटल की सामान्य चिकित्सा और मनोरोग टीमें इन मूल्यांकनों को आउटपेशेंट परामर्श के दौरान करती हैं जो 30 से 60 मिनट तक चलते हैं।

व्यसन के लिए गैर-सर्जिकल उपचार विकल्प

उपचार पदार्थ, गंभीरता और आपकी व्यक्तिगत स्थिति के अनुरूप बनाया जाता है। अल्कोहल उपयोग विकार वाले अधिकांश लोग किसी न किसी प्रकार के उपचार से लाभ उठा सकते हैं, और कई अपने पीने को काफी हद तक कम कर देते हैं या पूरी तरह से बंद कर देते हैं।

अल्कोहल उपयोग विकार के लिए दवाओं में नाल्ट्रेक्सोन, एकैमप्रोसेट और डिसल्फिरम शामिल हैं।

नाल्ट्रेक्सोन मस्तिष्क के उन रिसेप्टर्स को अवरुद्ध करता है जो शराब से आनंद पैदा करते हैं और लालसा को कम करता है; अध्ययन (स्टडी) में यह किसी भी पीने पर वापस लौटने की संभावना को लगभग 5 प्रतिशत और भारी पीने के जोखिम को लगभग 10 प्रतिशत कम करता है।

एकैमप्रोसेट छोड़ने के बाद नकारात्मक लक्षणों को कम करके संयम बनाए रखने में मदद करता है; सबसे आम दुष्प्रभाव लगभग 10 प्रतिशत रोगियों में क्षणिक दस्त है। डिसल्फिरम शराब पीने पर अप्रिय प्रतिक्रिया पैदा करता है, जिसमें लालिमा, मतली, उल्टी और सिरदर्द शामिल हैं।

प्रतिकूल प्रभावों और अनुपालन कठिनाइयों के कारण प्राथमिक देखभाल में नियमित उपयोग के लिए इसकी सिफारिश नहीं की जाती है। टोपिरामेट और ओन्डेनसेट्रॉन ने कुछ अध्ययन (स्टडी) में पीने की आवृत्ति कम करने और संयम बढ़ाने में वादा दिखाया है।

अल्कोहल उपयोग विकार की सभी दवाएं गैर-नशे की लत वाली हैं और इन्हें अकेले या परामर्श के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।

तंबाकू छोड़ने के लिए, निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (पैच, गम या लोजेंज) विदड्रॉल की लालसा को प्रबंधित करने में मदद करती है। वैरेनिकलाइन, एक निकोटिनिक रिसेप्टर आंशिक एगोनिस्ट जिसे धूम्रपान बंद करने के लिए मंजूरी दी गई है, ने कुछ परीक्षणों में अल्कोहल परिणामों के लिए भी प्रभावकारिता दिखाई है।

परामर्श दृष्टिकोणों में शामिल हैं:

  • बदलाव के लिए तत्परता बढ़ाने के लिए मोटिवेशनल इंटरव्यूइंग
  • ट्रिगर्स की पहचान करने और मुकाबला कौशल सिखाने के लिए कॉग्निटिव-बिहेवियरल थेरेपी
  • मोटिवेशनल एनहांसमेंट थेरेपी (कम अवधि में लगभग चार सत्र)
  • संक्षिप्त हस्तक्षेप (एक से चार सत्र)
  • ठोस पुरस्कारों के साथ आकस्मिक प्रबंधन
  • जोड़ों और पारिवारिक परामर्श
  • 12-चरण सुविधा

अल्कोहलिक्स एनोनिमस जैसे पारस्परिक सहायता समूह सहकर्मी सहायता प्रदान करते हैं जो लोगों को रिकवरी (ठीक होना) बनाए रखने में मदद करती है।

गंभीर निर्भरता के लिए, चिकित्सा पर्यवेक्षण में इनपेशेंट डिटॉक्सिफिकेशन की आवश्यकता हो सकती है। इसमें आमतौर पर विदड्रॉल को सुरक्षित रूप से प्रबंधित करने के लिए 7 से 14 दिनों का अस्पताल प्रवास शामिल होता है, जिसमें अल्कोहल विदड्रॉल के लिए लोराजेपाम या क्लोरडायजेपॉक्साइड जैसी दवाएं दी जाती हैं।

अकेले डिटॉक्सिफिकेशन ओपिओइड उपयोग विकार के लिए पर्याप्त उपचार नहीं है; निरंतर दवा और मनोसामाजिक सहायता आवश्यक है। जयपुर हॉस्पिटल आउटपेशेंट परामर्श, फार्माकोथेरेपी, परामर्श और संकेत मिलने पर इनपेशेंट डिटॉक्सिफिकेशन प्रदान करता है।

रिकवरी (ठीक होना) 6 से 12 महीनों तक निरंतर समर्थन के साथ एक सतत प्रक्रिया है; रिलैप्स का मतलब यह नहीं है कि रिकवरी (ठीक होना) विफल हो गई। सर्जरी (ऑपरेशन) पदार्थ उपयोग विकारों का इलाज नहीं है।

तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन) उपचार की तैयारी

क्या साथ लाएं और टीम को बताएं

करें

  • वर्तमान दवाओं की सूची
  • हाल की खून की जाँच रिपोर्ट
  • डिस्चार्ज सारांश

आपकी पहली विज़िट एक मूल्यांकन है। टीम आपके पदार्थ उपयोग, चिकित्सा इतिहास, और आपके द्वारा ली जाने वाली किसी भी दवा के बारे में पूछेगी। वर्तमान दवाओं की सूची, हाल की खून की जाँच रिपोर्ट, और कोई डिस्चार्ज सारांश साथ लाएं।

यदि आप ओपिओइड दर्द की दवाएं ले रहे हैं, तो डॉक्टर को बताएं क्योंकि नाल्ट्रेक्सोन गंभीर विदड्रॉल पैदा कर सकता है यदि ओपिओइड अभी भी आपके सिस्टम में हैं। लिवर की बीमारी वाले लोगों को कुछ दवाएं शुरू करने से पहले लिवर फंक्शन टेस्ट की आवश्यकता होती है।

यदि आपको किडनी की समस्या है या एडवांस्ड सिरोसिस है, तो एकैमप्रोसेट उपयुक्त नहीं हो सकता है। यदि आपको हृदय रोग, मनोविकृति है, या हाल ही में मेट्रोनिडाजोल लिया है तो डिसल्फिरम नहीं दिया जाता है। आउटपेशेंट विज़िट के लिए उपवास की आवश्यकता नहीं है।

इनपेशेंट डिटॉक्स के लिए, आपको प्रवेश से कुछ घंटे पहले खाना-पीना बंद करने के लिए कहा जाएगा। अस्पताल प्रवास के दौरान एक परिचारक आपके साथ रह सकता है।

तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन) का इलाज कैसे किया जाता है

ओपीडी विज़िट के चरण
  1. रजिस्टर करें हॉस्पिटल में चेक-इन करें
  2. काउंसलर या डॉक्टर से मिलें अपनी प्रगति और चिंताओं पर चर्चा करें
  3. समीक्षा करें और दवाएं एडजस्ट करें जरूरत पड़ने पर खुराक या दवाएं बदलें
  4. अगले सत्र की योजना बनाएं अपना फॉलो-अप अपॉइंटमेंट बुक करें

इलाज पदार्थ और गंभीरता के हिसाब से तय होता है। तंबाकू के लिए, निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT) में पैच, गम या लोजेंज का इस्तेमाल करके विदड्रॉल (छोड़ने पर होने वाली तकलीफ) कम किया जाता है। शराब के लिए, आपका सर्जन आपकी सेहत देखकर नाल्ट्रेक्सोन, एकैमप्रोसेट या डिसल्फिरम लिख सकता है।

नाल्ट्रेक्सोन दिमाग के उन रिसेप्टर्स को ब्लॉक करता है जिनसे पीने में मज़ा आता है, और तलब कम कर सकता है। एकैमप्रोसेट छोड़ने के बाद होने वाले बुरे लक्षणों को आसान बनाकर परहेज़ बनाए रखने में मदद करता है। डिसल्फिरम शराब पीने पर तेज़ बुरी प्रतिक्रिया पैदा करता है, जो रोकथाम का काम करती है।

काउंसलिंग में मोटिवेशनल इंटरव्यूइंग (प्रेरणादायक बातचीत) से बदलाव की तैयारी बनाई जाती है। सेशन 30 से 60 मिनट के होते हैं। गंभीर निर्भरता के लिए, इनपेशेंट डिटॉक्सिफिकेशन (भर्ती करके शरीर से नशा निकालना) 7 से 14 दिन चलता है जिसमें मेडिकल निगरानी में विदड्रॉल को सुरक्षित तरीके से संभाला जाता है।

आउटपेशेंट विज़िट के दिन आप रजिस्टर कराते हैं, काउंसलर या डॉक्टर से मिलते हैं, प्रोग्रेस देखते हैं, ज़रूरत हो तो दवा बदलते हैं, और अगला सेशन तय करते हैं। इनपेशेंट एडमिशन में आपको वार्ड में रखा जाता है, बेसलाइन वाइटल्स और खून की जाँच होती है, और विदड्रॉल मॉनिटरिंग का शेड्यूल शुरू होता है।

तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन) इलाज के जोखिम और संभावित जटिलताएँ

आम दवा दुष्प्रभाव
एकैमप्रोसेट
लगभग 10 प्रतिशत में अस्थायी दस्त
डिसल्फिरम
शराब लेने पर तेज प्रतिक्रिया: लालिमा, धड़कन, मतली, उल्टी, सिरदर्द

दवाओं के साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

नाल्ट्रेक्सोन से आमतौर पर लगभग 10 प्रतिशत मरीज़ों को मतली होती है, साथ में:

  • सिरदर्द
  • बेचैनी
  • नींद आना

ज़्यादा डोज़ पर यह लिवर पर असर डाल सकता है, इसलिए शुरू में लिवर एंजाइम हर महीने चेक किए जाते हैं और फिर हर तीन महीने पर। एकैमप्रोसेट आमतौर पर ठीक सहन होता है; सबसे आम साइड इफेक्ट लगभग 10 प्रतिशत मरीज़ों में थोड़े समय का दस्त है।

डिसल्फिरम किसी भी रूप में शराब लेने पर तेज़ प्रतिक्रिया दे सकता है, जिसमें चेहरा लाल होना, धड़कन तेज़ होना, मतली, उल्टी और सिरदर्द शामिल हैं। इसमें ज़्यादा गंभीर दुष्प्रभाव और दवा लेने में दिक्कत का जोखिम भी रहता है।

टोपिरामेट, जब इस्तेमाल होता है, तो इससे हो सकता है:

  • चक्कर
  • सुस्ती
  • ध्यान लगाने में दिक्कत
  • याददाश्त की समस्या
  • झनझनाहट
  • बोलने में परेशानी

भारी शराब अचानक मेडिकल निगरानी के बिना छोड़ने से डेलिरियम ट्रेमेन्स हो सकता है, जो जानलेवा हालत है जिसमें दौरे और मतिभ्रम होते हैं। ओपिओइड विदड्रॉल भी डेलिरियम और ऐंठन से जटिल हो सकता है। टीम इनपेशेंट डिटॉक्स के दौरान इन जोखिमों पर नज़र रखती है।

तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन) इलाज के बाद रिकवरी और देखभाल

रिकवरी 6 से 12 महीने तक चलने वाली लगातार प्रक्रिया है। इनपेशेंट डिटॉक्स के बाद आप आउटपेशेंट फॉलो-अप जारी रखते हैं। शुरुआती दिनों में आप थकान महसूस कर सकते हैं, नींद में बदलाव हो सकता है, या तलब लग सकती है। टीम दवाएँ एडजस्ट करती है और मुकाबले के तरीके बताती है।

शुरुआती हफ्तों में काउंसलिंग सेशन ट्रिगर पहचानने, तनाव संभालने और नई दिनचर्या बनाने में मदद करते हैं। परिवार के सदस्य सेशन में शामिल होकर सहयोग और रिश्ते बेहतर बना सकते हैं। शुरुआती समस्याओं के लिए एक से चार सेशन के संक्षिप्त हस्तक्षेप (ब्रीफ इंटरवेंशन) इस्तेमाल हो सकते हैं।

अगर रिलैप्स (दोबारा नशा करना) हो जाए, तो तुरंत इलाज पर लौटें; रिलैप्स का मतलब यह नहीं कि आप रिकवर नहीं कर सकते। अस्पताल को कॉल करें अगर गंभीर विदड्रॉल लक्षण हों, खुद को नुकसान पहुँचाने के ख्याल आएँ, लिवर की समस्या के लक्षण जैसे पीली त्वचा या गहरा पेशाब दिखे, या दवा न रोक पाएँ। 24×7 इमरजेंसी विभाग तत्काल ज़रूरत के लिए उपलब्ध है।

अध्ययनों में तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन) इलाज के नतीजे

अध्ययन दिखाते हैं कि शराब उपयोग विकार वाले ज्यादातर लोग इलाज से पीना कम या पूरी तरह बंद कर सकते हैं। नाल्ट्रेक्सोन किसी भी तरह पीने पर लौटने की संभावना लगभग 5 प्रतिशत और भारी पीने का जोखिम लगभग 10 प्रतिशत कम करता है।

छोटी अवधि के ट्रायल में, नाल्ट्रेक्सोन लेने वालों में निर्भरता पर रिलैप्स कम हुआ (38 प्रतिशत बनाम प्लेसिबो पर 60 प्रतिशत) और पीने पर लौटने वाले कम थे (61 प्रतिशत बनाम 69 प्रतिशत)। नाल्ट्रेक्सोन से इलाज किए गए हर पांच मरीज़ पर एक रिलैप्स रोका गया। एकैमप्रोसेट भी रिलैप्स दर घटाता है और परहेज़ बढ़ाता है।

काउंसलिंग के साथ मिलकर ये दवाएँ नतीजे सुधारती हैं। लंबी अवधि के नतीजे मिले-जुले हैं; कुछ ट्रायल में 6 से 12 महीने पर दवा और प्लेसिबो में कोई फर्क नहीं दिखा। टोपिरामेट परहेज़ वाले दिन बढ़ाने और भारी पीना घटाने में उम्मीद जगाता है। म्यूचुअल-सपोर्ट ग्रुप मुफ्त, लचीली मदद देते हैं जो रिकवरी बनाए रख सकते हैं।

ओपिओइड उपयोग विकार के लिए, मेथाडोन के साथ लंबी अवधि की एगोनिस्ट थेरेपी बहुत असरदार है और जान बचा सकती है। अकेले डिटॉक्सिफिकेशन के पक्ष में ओपिओइड उपयोग विकार के लिए सबूत नहीं है। रिकवरी में रिलैप्स का जोखिम बना रहता है, इसलिए लगातार सहयोग ज़रूरी है।

जयपुर में तंबाकू शराब और व्यसन चिकित्सा (टोबैको अल्कोहल एंड एडिक्शन मेडिसिन) इलाज का खर्च और बीमा

एक सामान्य आउटपेशेंट कंसल्टेशन का खर्च ₹1,500 से ₹3,000 होता है। एक इनपेशेंट डिटॉक्स प्रोग्राम आमतौर पर ₹50,000 से ₹2,00,000 तक होता है। अंतिम रकम ठहरने की अवधि, ज़रूरी दवाओं, जाँचों और जटिलताएँ आने पर निर्भर करती है। जयपुर हॉस्पिटल RGHS, मा योजना, CGHS, और प्राइवेट इंश्योरर व TPA के पैनल को स्वीकार करता है।

कवरेज डिटेल और किसी भी प्री-ऑथराइज़ेशन की ज़रूरत के लिए अपने इंश्योरर या अस्पताल से पूछें। अस्पताल में इन-हाउस फार्मेसी और डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी है जिससे सहूलियत रहती है।

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