प्लास्टिक सर्जरी · जयपुर हॉस्पिटल
जयपुर में चेहरे की चोट की सर्जरी (फेशियल ट्रॉमा सर्जरी)
मेरा चेहरा सूजा हुआ है और खाने में दर्द होता है। हम आपके स्कैन देखते हैं, विकल्प समझाते हैं और आपको एक साफ़ योजना देते हैं।
- 1991 से जयपुर की सेवा में (35 साल)
- एनएबीएच मान्यता प्राप्त
- 24×7 इमरजेंसी और आईसीयू
- कैशलेस: RGHS, मा योजना, CGHS + 22 बीमा कंपनियाँ
- ऑपरेशन का समय
- 1 से 3 घंटे
- एनेस्थीसिया (बेहोशी)
- जनरल एनेस्थीसिया (पूरी बेहोशी)
- रिकवरी (ठीक होना)
- नरम खाना 4 से 6 हफ्तेसूजन 2 से 4 हफ्ते में ठीक होती है
- कीमत
- ₹50,000 से ₹2,00,000भारत में आम रेंज; हमसे अनुमानित खर्च पूछें
आपके चेहरे पर चोट लगी। अब क्या?
खाने, बोलने और आईने में देखने में दर्द होता है
आपका एक्सीडेंट हुआ या गिरे थे। आपका जबड़ा, गाल या आँख की हड्डी (ऑर्बिट) टूटी हो सकती है। सूजन की वजह से खाना, बोलना या सोना मुश्किल है, और आप फिक्र कर रहे होंगे कि चेहरा कैसा दिखेगा। आपको नहीं पता कि सर्जरी (ऑपरेशन) की ज़रूरत है या नहीं, और खर्च क्या होगा।
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सूजन और दर्द
चोट के बाद चेहरा सूज जाता है और खाने या बोलने में दर्द हो सकता है। सूजन आमतौर पर कुछ दिनों में कम हो जाती है।
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नहीं पता क्या टूटा है
जबड़ा, गाल की हड्डी, आँख की हड्डी (ऑर्बिट) या नाक की चोट एक जैसी दिख सकती है। पता लगाने के लिए स्कैन और जाँच ज़रूरी है।
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काम से छुट्टी की चिंता
आपको काम से छुट्टी लेनी पड़ सकती है, और कितनी छुट्टी लगेगी यह आपकी चोट और काम के प्रकार पर निर्भर करता है।
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खर्च की अनिश्चितता
आपको इलाज का खर्च नहीं पता होगा। हम आपको पहले ही अनुमानित खर्च बताते हैं, ताकि आप योजना बना सकें।
चेहरे की चोट की मरम्मत (फेशियल ट्रॉमा रिपेयर) वह सर्जरी (ऑपरेशन) है जो चेहरे या जबड़े की चोट को ठीक करती है।
जयपुर हॉस्पिटल क्यों
आप जागते हुए फिक्र कर रहे होंगे — सूजन, छूटी हुई नौकरी, बिल और यह कि चेहरा पहले जैसा दिखेगा या नहीं।
आपके इलाज का प्लान
हमारे साथ आपके पहले कदम
- 1 हमें कॉल करें या ओपीडी में आएँ।
- 2 अपने स्कैन की समीक्षा करवाएँ, ज़रूरत हो तो यहीं जाँच करवाएँ।
- 3 अपने विकल्प सुनें और जानें कि सर्जरी (ऑपरेशन) ज़रूरी है या नहीं।
- 4 अनुमानित खर्च लें, फिर सर्जरी (ऑपरेशन) और फॉलो-अप की योजना बनाएँ।
ऑपरेशन कैसे किया जाता है
अगर आपको सर्जरी (ऑपरेशन) की ज़रूरत है, तो यह आमतौर पर जनरल एनेस्थीसिया (पूरी बेहोशी) में होती है और 1 से 3 घंटे लगते हैं। आपका सर्जन (कंसल्टेंट / सर्जन) आपके फ्रैक्चर के प्रकार के हिसाब से योजना बनाता है। छोटी प्लेट, स्क्रू या इम्प्लांट हड्डी को जगह पर रोके रखते हैं जब तक वह जुड़ती है। आमतौर पर 2 से 5 रात रुकना पड़ता है।
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ORIF मैंडिबल / मैक्सिला फ्रैक्चर
इंट्राऑरल या एक्स्ट्राऑरल तरीके से मिनीप्लेट फिक्सेशन। आपका सर्जन (कंसल्टेंट / सर्जन) बताएगा कि यह विकल्प आपके फ्रैक्चर के लिए ठीक है या नहीं।
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ज़ाइगोमैटिक्सोमैक्सिलरी कॉम्प्लेक्स (ZMC) फिक्सेशन
गाल की हड्डी के फ्रैक्चर के लिए थ्री-पॉइंट फिक्सेशन। आपका सर्जन (कंसल्टेंट / सर्जन) तरीका और इसमें क्या होगा, आपके साथ चर्चा करेगा।
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ऑर्बिटल फ्लोर रिकंस्ट्रक्शन
आँख की हड्डी (ऑर्बिट) के फर्श को सहारा देने के लिए टाइटेनियम मेश (जाली) या पोरस पॉलीइथाइलीन इम्प्लांट। आपका सर्जन (कंसल्टेंट / सर्जन) बताएगा कि आपके केस में कौन सा विकल्प फिट बैठता है।
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नेज़ल बोन रिडक्शन / सेप्टोराइनोप्लास्टी
तीव्र नाक की चोट के लिए क्लोज्ड रिडक्शन, या बाद में ज़रूरत हो तो ओपन सर्जरी (चीरे वाली)। आपका सर्जन (कंसल्टेंट / सर्जन) टाइमिंग और विकल्प आपके साथ तय करेगा।
मरीज़ हम पर भरोसा क्यों करते हैं
- 1991 35 साल से जयपुर की सेवा में
- एनएबीएच मान्यता प्राप्त हॉस्पिटल
- 1 प्लास्टिक सर्जरी कंसल्टेंट
- 24×7 इमरजेंसी, आईसीयू और एम्बुलेंस
- 25 कैशलेस योजनाएँ और बीमा कंपनियाँ
अध्ययन चेहरे के फ्रैक्चर के इलाज के बारे में क्या बताते हैं
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आधे
एक अध्ययन में, इलाज के बाद आधे मरीज़ 20 दिन में अपना कामकाज वापस पा सके।
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8.9%
एक अध्ययन में, इलाज पाने वाले मरीज़ों में पाँच जटिलताएँ (कॉम्प्लिकेशन) हुईं, जो कुल का 8.9% थीं।
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1 से 2 हफ्ते
एक मरीज़ गाइड कहता है कि आप इस समय में काम पर लौट सकते हैं, यह आपकी चोट और नौकरी पर निर्भर करता है।
अगर इलाज न कराया जाए
अगर चेहरे के फ्रैक्चर की जाँच न करवाई जाए, तो हड्डी गलत पोजीशन में जुड़ सकती है। आपका चेहरा चोट से पहले जैसा नहीं दिखेगा, और कभी-कभी बाद में और सर्जरी (ऑपरेशन) की ज़रूरत पड़ती है। एक सर्जन (कंसल्टेंट / सर्जन) चोट का आकलन कर सकता है और आपके विकल्प समझा सकता है।
इलाज के बाद की ज़िंदगी
ज़्यादातर लोग कुछ महीनों में ठीक हो जाते हैं। सूजन और नीले निशान पहले ठीक होते हैं, और जैसे-जैसे जबड़ा जुड़ता है खाना आसान होता जाता है। आपके फॉलो-अप विज़िट होंगे, और आपका सर्जन (कंसल्टेंट / सर्जन) देखेगा कि आप कैसे ठीक हो रहे हैं।
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सूजन कम होती है
ज़्यादातर लोगों को पहले एक या दो हफ्ते में सूजन कम होती दिखती है, जब वे आराम करते हैं और सलाह के मुताबिक कोल्ड पैक लगाते हैं।
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खाना आसान होता है
ज़्यादातर लोग नरम खाने से शुरू करते हैं और जबड़ा जुड़ने पर सामान्य खाने पर आ जाते हैं, आमतौर पर 4 से 6 हफ्ते में।
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अपनी दिनचर्या पर वापस
कई लोग 1 से 2 हफ्ते में काम पर लौट आते हैं, यह उनकी चोट और काम के प्रकार पर निर्भर करता है।
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फॉलो-अप सहारा
आप जाँच के लिए वापस आते हैं ताकि आपका सर्जन (कंसल्टेंट / सर्जन) देख सके कि हड्डी कैसे जुड़ रही है और आपके सवालों के जवाब दे सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चेहरे की चोट की सर्जरी (फेशियल ट्रॉमा सर्जरी) के बारे में मरीज़ों के सवाल
चेहरे की चोट की सर्जरी (फेशियल ट्रॉमा सर्जरी) में किन समस्याओं की जाँच की जाती है?
संक्षेप में
जयपुर हॉस्पिटल में चेहरे की चोट की सर्जरी (फेशियल ट्रॉमा सर्जरी) के तहत जबड़े, गाल की हड्डी, आँख की कोटर (ऑर्बिट) और नाक के फ्रैक्चर (फ्रैक्चर) के साथ-साथ उनसे जुड़ी सॉफ्ट टिश्यू इंजरी (मुलायम ऊतकों की चोट) देखी जाती है। सर्जिकल टीम हड्डी की स्थिति, दाँतों का मिलान (बाइट), आँख की हरकत और नर्व (नस) के कामकाज को जाँचकर सही मरम्मत की योजना बनाती है।
विस्तार से
जाँच की शुरुआत सूजन, नीले निशान, स्टेप डिफॉर्मिटी (सीढ़ी जैसा उभार) और मुँह खोलने की जाँच से होती है। सीटी स्कैन (सीटी स्कैन) जैसे इमेजिंग से फ्रैक्चर का सही पैटर्न तीन डाइमेंशन (3D) में दिखता है।
सर्जन मैलोक्लूज़न (दाँतों का न मिलना), डबल विज़न (दोहरी दृष्टि), गाल या होंठ में सुन्नपन और साँस लेने में तकलीफ देखते हैं।
मैंडिबुलर फ्रैक्चर (जबड़े के फ्रैक्चर) पर अध्ययनों (स्टडी) के प्रमाण बताते हैं कि जब फिक्सेशन (हड्डी जोड़ना) सही हो तो रेडियोग्राफिक यूनियन (हड्डी जुड़ने का एक्स-रे प्रमाण) 98 प्रतिशत तक पहुँचती है।
तकनीक फ्रैक्चर की जगह पर निर्भर करती है: जबड़े के फ्रैक्चर के लिए मिनीप्लेट फिक्सेशन, गाल की हड्डी के लिए थ्री-पॉइंट फिक्सेशन, आँख की कोटर के फ्लोर (तल) के रीकंस्ट्रक्शन (पुनर्निर्माण) के लिए टाइटेनियम मेश (जाली) या पोरस पॉलीइथाइलीन, और नाक की हड्डियों के लिए क्लोज्ड या ओपन रिडक्शन (बिना चीरे या चीरे से हड्डी बैठाना)। हर तरीके का मकसद शरीर रचना (एनाटॉमी) और कामकाज (फंक्शन) को वापस लाना है।
- मैंडिबुलर फ्रैक्चर (जबड़े के फ्रैक्चर) पर अध्ययनों (स्टडी) के प्रमाण बताते हैं कि जब फिक्सेशन (हड्डी जोड़ना) सही हो तो रेडियोग्राफिक यूनियन (हड्डी जुड़ने का एक्स-रे प्रमाण) 98 प्रतिशत तक पहुँचती है।
जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम
किसी भी योजना से पहले आपको क्लिनिकल रिव्यू (जाँच) और इमेजिंग करवानी होगी। सर्जन नतीजे समझाएँगे और जनरल एनेस्थीसिया (पूरी बेहोशी) में एक से तीन घंटे के संभावित ऑपरेशन (सर्जरी) का समय बताएँगे। हॉस्पिटल में आमतौर पर दो से पाँच रात रुकना पड़ता है।
चार से छह हफ्ते तक सॉफ्ट डाइट (मुलायम खाना) लेनी होती है। जयपुर हॉस्पिटल में अपॉइंटमेंट (परामर्श) बुक करवाएँ ताकि आपकी चोट की जाँच हो और इलाज की योजना बने।
डॉक्टर कैसे तय करेंगे कि मुझे कौन से टेस्ट (जाँच) चाहिए?
संक्षेप में
जयपुर हॉस्पिटल में सर्जन टेस्ट (जाँच) चोट के तरीके, क्लिनिकल (नैदानिक) नतीजों और प्रभावित चेहरे के हिस्सों के आधार पर तय करते हैं। संदिग्ध फ्रैक्चर (फ्रैक्चर) के लिए फाइन-कट (बारीक कट) फेशियल सीटी स्कैन (सीटी स्कैन) थ्री-डाइमेंशनल (3D) रीकंस्ट्रक्शन (पुनर्निर्माण) के साथ स्टैंडर्ड (मानक) है। अतिरिक्त टेस्ट (जाँच) में सर्वाइकल स्पाइन (गर्दन की रीढ़) इमेजिंग, ऑप्थैल्मोलॉजी (नेत्र विज्ञान) रिव्यू (समीक्षा) या एंजियोग्राफी (रक्तवाहिनी इमेजिंग) शामिल हो सकते हैं अगर वास्कुलर (रक्तवाहिनी) चोट का शक हो।
विस्तार से
फैसला एक व्यवस्थित असेसमेंट (मूल्यांकन) पर होता है। इतिहास से चोट का बल और दिशा पता चलती है।
जाँच में चेहरे के हर तिहाई हिस्से में स्टेप डिफॉर्मिटी (सीढ़ी जैसा उभार), मोबिलिटी (हरकत), सेंसरी (संवेदना) बदलाव, ऑक्युलर मोटिलिटी (आँख की हरकत) और ऑक्लूज़न (दाँतों का मिलान) देखा जाता है।
अगर मैंडिबल (जबड़ा) टेंडर (दबाने पर दर्द) हो या बाइट (दाँतों का मिलान) गड़बड़ हो, तो सीटी मैंडिबल (CT mandible) या पैनोरमिक रेडियोग्राफ (एक्स-रे) जोड़ा जा सकता है।
मिडफेस (मध्य चेहरा) टेंडरनेस (दबाने पर दर्द) या गाल का पिचकना सीटी मैक्सिलोफेशियल (CT maxillofacial) कोरोनल (coronal) और सैजिटल (sagittal) रिफॉर्मैट (पुनःप्रारूप) के साथ करवाता है।
आँख के लक्षणों के लिए फाइन-कट ऑर्बिटल सीटी (fine-cut orbital CT) और अक्सर ऑप्थैल्मोलॉजी (नेत्र विज्ञान) राय विजुअल एक्यूइटी (दृष्टि स्पष्टता) और फील्ड्स (दृष्टि क्षेत्र) के लिए ली जाती है।
किसी हाई-एनर्जी (तेज बल) मैकेनिज्म या गर्दन में टेंडरनेस (दबाने पर दर्द) पर सर्वाइकल स्पाइन (गर्दन की रीढ़) इमेजिंग पर विचार होता है।
वास्कुलर (रक्तवाहिनी) स्टडी (अध्ययन) तब करवाई जाती है जब बढ़ता हुआ हेमेटोमा (खून का जमा), धड़कता खून बहना या ब्रूइट (bruit - असामान्य आवाज) हो।
इन-हाउस (अस्पताल का अपना) रेडियोलॉजी विभाग ये स्टडी (अध्ययन) तेजी से देता है ताकि ऑपरेटिव प्लान (सर्जरी की योजना) बिना देरी फाइनल हो सके।
एक आम धारणा
कुछ मरीज फुल-बॉडी स्कैन (पूरे शरीर का स्कैन) की उम्मीद करते हैं।
असल में क्या होता है
उससे रेडिएशन (विकिरण) और देरी बढ़ती है, फायदा नहीं। सर्जन इमेजिंग को सिर्फ जोखिम वाले जोन (हिस्से) तक सीमित रखते हैं। नॉर्मल (सामान्य) आँख की जाँच अनावश्यक ऑप्थैल्मोलॉजी (नेत्र विज्ञान) रेफरल (संदर्भ) रोकती है। टार्गेटेड (लक्षित) टेस्टिंग (जाँच) तेज और सुरक्षित है।
जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम
पहले फोकस्ड क्लिनिकल (नैदानिक) जाँच की अपेक्षा रखें। फिर सर्जन आपकी चोट के पैटर्न के लिए जरूरी खास इमेजिंग करवाएँगे। ज्यादातर मरीजों को सिर्फ डेडिकेटेड फेशियल सीटी (facial CT) चाहिए। नतीजे आमतौर पर उसी दिन मिल जाते हैं। जयपुर हॉस्पिटल में अपॉइंटमेंट (परामर्श) बुक करवाएँ ताकि आपकी चोट की जाँच हो और सही टेस्ट (जाँच) करवाए जाएँ।
चेहरे की चोट की सर्जरी के बाद मुझे कब सुधार की उम्मीद करनी चाहिए?
संक्षेप में
जयपुर हॉस्पिटल में चेहरे की चोट की सर्जरी के बाद, शुरुआती सूजन 5 से 7 दिनों में कम होने लगती है और चोट के निशान 10 से 14 दिनों में मिट जाते हैं। कार्यात्मक रिकवरी फ्रैक्चर साइट के अनुसार अलग होती है: जाइगोमैटिक-ऑर्बिटल-नेज़ल कॉम्प्लेक्स चोटों में कार्यात्मक रिकवरी का औसत 11 दिन है, जबकि मैक्सिलरी-मैंडिबुलर कॉम्प्लेक्स चोटों में औसत 21 दिन है। पूरी बोन हीलिंग और सामान्य डाइट पर लौटने में 4 से 6 हफ्ते लगते हैं।
विस्तार से
रिकवरी टाइमलाइन क्लिनिकल अवलोकन और अध्ययन डेटा से आती है। साक्ष्य दिखाते हैं कि फिक्सेशन के बाद आधे मरीज़ 20 दिनों के अंदर कार्यक्षमता बहाल करते हैं। जाइगोमैटिक-ऑर्बिटल-मैलर-नेज़ल कॉम्प्लेक्स की औसत रिकवरी 11 दिन है, जबकि मैक्सिलरी-मैंडिबुलर कॉम्प्लेक्स की 21 दिन।
मैंडिबुलर चोटें मैक्सिलरी लेसियन की तुलना में लगभग दोगुना रिकवरी टाइम से जुड़ी हैं। प्रोटोकॉल के अनुसार सूजन आमतौर पर 2 से 4 हफ्ते में ठीक होती है। फिक्सेशन की रक्षा के लिए 4 से 6 हफ्ते तक सॉफ्ट डाइट रखी जाती है।
नर्व चोट से सुन्नता या बदली हुई सनसनी लंबे समय तक बनी रह सकती है। सर्जन क्लिनिकल जांच और कभी-कभी इमेजिंग से हीलिंग की निगरानी करते हैं।
पल्स्ड इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थेरेपी का अध्ययन सहायक के रूप में किया गया है जो 28 दिनों में बढ़ी हुई बोन डेंसिटी और तेज रिकवरी दिखाता है, लेकिन यह स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल नहीं है।
एक आम धारणा
मरीज़ अक्सर कुछ दिनों में सामान्य खाने की उम्मीद करते हैं।
असल में क्या होता है
हड्डी को प्रोटेक्टेड लोडिंग के 4 से 6 हफ्ते चाहिए। डाइट में जल्दबाजी से प्लेट ढीली हो सकती है या मैलयूनियन हो सकता है। होंठ या गाल की सुन्नता हड्डी भरने के बाद भी महीनों रह सकती है।
जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम
हॉस्पिटल में 2 से 5 रात रहने की योजना बनाएं। सर्जिकल साइट को साफ रखें और 4 से 6 हफ्ते तक सॉफ्ट डाइट का सख्ती से पालन करें। पहले कुछ दिनों के लिए दिन में तीन बार 10 से 20 मिनट आइस पैक लगाएं।
टांके हटाने और बाइट चेक के लिए सभी फॉलो-अप अपॉइंटमेंट में जाएं। अगर आपका जबड़ा वायर्ड है, तो हमेशा वायर कटर साथ रखें। अगर पहले हफ्ते के बाद सूजन बढ़े, बुखार आए, या सांस लेने में कठिनाई हो तो हॉस्पिटल से संपर्क करें।
मैं कैसे तय करूँ कि चेहरे के फ्रैक्चर फिक्सेशन के लिए सलाह लेनी चाहिए?
संक्षेप में
चेहरे के फ्रैक्चर फिक्सेशन की सलाह लें अगर चेहरे की चोट के बाद साफ विकृति दिखे, मुँह खोलने में तकलीफ हो, काटने (बाइट) में बदलाव आए, दोहरी दृष्टि (डबल विजन) हो, गाल या होंठ में सुन्नपन हो, या नाक लगातार बंद रहे। जयपुर हॉस्पिटल इमरजेंसी और ओपीडी में सीटी इमेजिंग के साथ आकलन करता है कि ओपन रिडक्शन और इंटरनल फिक्सेशन की ज़रूरत है या नहीं।
विस्तार से
फैसला फंक्शनल दिक्कत और विस्थापन (डिस्प्लेसमेंट) पर टिका है। सबूत चेहरे की चोट की मरम्मत को चेहरे या जबड़े की चोट ठीक करने की सर्जरी बताते हैं।
संकेत हैं: मैंडिबुलर फ्रैक्चर से मैलोक्लूज़न, जाइगोमैटिक फ्रैक्चर से मुँह खुलना कम, ऑर्बिटल फ्लोर फ्रैक्चर से एनोफ्थैल्मोस या डिप्लोपिया, और नाक की विकृति के साथ साँस की रुकावट।
अध्ययन दिखाते हैं कि विस्थापित फ्रैक्चर बिना ऑपरेशन छोड़ दिए जाएँ तो मैलयूनियन, पुराना दर्द, और असममिति हो सकती है। सर्जिकल टीम सीटी स्कैन से फ्रैक्चर का विस्थापन, टुकड़े होना (कम्यूनिशन), और सॉफ्ट टिश्यू फँसना देखती है।
तकनीकों में जबड़े के लिए मिनीप्लेट फिक्सेशन, चीकबोन के लिए थ्री-पॉइंट फिक्सेशन, ऑर्बिटल फ्लोर के लिए टाइटेनियम मेश या पोरस पॉलीइथाइलीन, और बंद या खुली नेज़ल रिडक्शन शामिल हैं।
पहले दो हफ्ते में जल्दी सलाह लेने से रेशेदार जुड़ाव (फाइब्रस यूनियन) बनने से पहले आसान रिडक्शन हो पाता है।
एक आम धारणा
कई लोग हफ्तों इंतज़ार करते हैं उम्मीद में कि सूजन फ्रैक्चर छुपा लेगी।
असल में क्या होता है
लेकिन 10 से 14 दिन के अंदर जल्दी फिक्सेशन तकनीकी तौर पर आसान है और नतीजे बेहतर देता है। देर से इलाज में अक्सर ज़्यादा जटिल सर्जरी जैसे ऑस्टियोटॉमी या बोन ग्राफ्टिंग चाहिए।
जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम
अगर फंक्शनल लक्षण हैं तो सूजन पूरी बैठने का इंतज़ार न करें। इमरजेंसी विभाग जाएँ या ओपीडी अपॉइंटमेंट बुक करें। पुराने एक्स-रे या सीटी स्कैन साथ लाएँ। सर्जन आपका बाइट, आँखों की हरकत, चेहरे की समरूपता, और नस का काम जाँचेंगे।
अगर फिक्सेशन की सलाह हो, तो सर्जरी आमतौर पर कुछ दिन में तय होती है। जयपुर हॉस्पिटल में कंसल्टेशन बुक करके पक्का आकलन और इलाज योजना लें।
क्या जयपुर में इमरजेंसी फेशियल ट्रॉमा सर्जरी मेडिकल इंश्योरेंस से कवर होती है?
संक्षेप में
इमरजेंसी फेशियल ट्रॉमा सर्जरी आमतौर पर भारत में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी से कवर होती है, जिसमें सरकारी योजनाएं और प्राइवेट प्लान शामिल हैं। जयपुर हॉस्पिटल RGHS, मा योजना, CGHS, और प्राइवेट इंश्योरर्स व TPAs के पैनल में एम्पैनल्ड है।
विस्तार से
अधिकांश हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी एक्सीडेंट या ट्रॉमा के बाद जरूरी इमरजेंसी प्रक्रियाओं को कवर करती हैं। कवरेज पॉलिसी की शर्तों, सम इंश्योर्ड, अस्पताल के नेटवर्क स्टेटस, और प्री-ऑथराइजेशन मिलने पर निर्भर करता है।
RGHS, मा योजना, और CGHS जैसी सरकारी योजनाएं पात्र लाभार्थियों को एम्पैनल्ड अस्पतालों में इमररजेंसी सर्जरी के लिए कवर करती हैं। प्राइवेट इंश्योरर्स और TPAs भी पॉलिसी शेड्यूल के अनुसार कवरेज देते हैं।
जयपुर हॉस्पिटल NABH-मान्यता प्राप्त मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल है और इन योजनाओं व इंश्योरर्स के पैनल में है।
भारत में फेशियल ट्रॉमा सर्जरी की आम कीमत सीमा ₹50,000 से ₹2,00,000 है, लेकिन अंतिम बिल फ्रैक्चर की जटिलता, इस्तेमाल हुए इम्प्लांट, और ठहरने की अवधि पर निर्भर करता है। अस्पताल का इंश्योरेंस डेस्क प्री-ऑथराइजेशन और जहां लागू हो कैशलेस क्लेम में मदद करता है।
मरीज़ों को अपना इंश्योरेंस कार्ड, पॉलिसी डॉक्यूमेंट, और एक्सीडेंट से जुड़े कागजात (जैसे FIR या MLC) साथ रखने चाहिए ताकि प्रोसेसिंग आसान हो।
एक आम धारणा
लोग अक्सर मान लेते हैं कि उन्हें पूरा खर्च खुद देना पड़ेगा।
असल में क्या होता है
असल में ज्यादातर पॉलिसी इमरजेंसी ट्रॉमा सर्जरी कवर करती हैं। बस अपना इंश्योरेंस कार्ड और एक्सीडेंट के कागजात तैयार रखें ताकि अस्पताल जल्दी कैशलेस ऑथराइजेशन शुरू कर सके।
जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम
इमरजेंसी विभाग में आते समय अपना इंश्योरेंस कार्ड, पॉलिसी डिटेल, और एक्सीडेंट रिपोर्ट (FIR या MLC) साथ लाएं। अस्पताल का इंश्योरेंस डेस्क कवरेज वेरिफाई करेगा और प्री-ऑथराइजेशन शुरू करेगा।
प्लांड फॉलो-अप प्रक्रियाओं के लिए, अपने इंश्योरर से नेटवर्क बेनिफिट और किसी सब-लिमिट के बारे में पूछें। जयपुर हॉस्पिटल में कंसल्टेशन बुक कर अपने केस और इंश्योरेंस कोऑर्डिनेशन पर चर्चा करें।
सूरत, कामकाज और असल उम्मीदों पर कैसे बात होगी?
संक्षेप में
जयपुर हॉस्पिटल में सर्जन प्री-ऑपरेटिव कंसल्टेशन में आपकी क्लिनिकल जाँच और सीटी इमेज देखकर सूरत, कामकाज और असल उम्मीदों पर बात करते हैं। बातचीत में प्लांड सर्जिकल अप्रोच, उम्मीद की जाने वाली सिमेट्री, बाइट एलाइनमेंट, आँखों की मूवमेंट और सूजन ठीक होने का संभावित टाइमलाइन शामिल होता है।
विस्तार से
चेहरे की चोट की सर्जरी (फेशियल ट्रॉमा सर्जरी) का मकसद सूरत और कामकाज दोनों को वापस लाना है।
सर्जिकल टीम आपके फ्रैक्चर पैटर्न के लिए चुनी गई तकनीक समझाती है, जैसे जबड़े के लिए मिनीप्लेट फिक्सेशन, चीकबोन के लिए थ्री-पॉइंट फिक्सेशन, या ऑर्बिटल फ्लोर रीकंस्ट्रक्शन टाइटेनियम मेश या पोरस पॉलीइथाइलीन से।
अध्ययन दिखाते हैं कि ओपन रिडक्शन और इंटरनल फिक्सेशन से ज्यादातर केस में रेडियोग्राफिक यूनियन मिलती है।
सर्जन बताते हैं कि क्या बेहतर हो सकता है — जैसे चेहरे का कॉन्टूर और ऑक्लूजन — और क्या लिमिटेशन रह सकती हैं, जैसे हल्की असिमेट्री, निशान दिखना, या सुन्नपन बने रहना।
रिकवरी में चार से छह हफ्ते सॉफ्ट डाइट लेनी होती है और सूजन आमतौर पर दो से चार हफ्ते में बैठ जाती है। कुछ केस में बाद में रिजल्ट सुधारने के लिए सेकेंडरी रिवीजन प्रोसीजर की जरूरत पड़ सकती है।
एक आम धारणा
मरीज़ कई बार तुरंत परफेक्ट कॉस्मेटिक रिजल्ट की उम्मीद करते हैं, लेकिन सूजन हफ्तों रहती है और मामूली असिमेट्री बनी रह सकती है।
असल में क्या होता है
टीम ईमानदारी से बताती है कि सर्जरी क्या कर सकती है और क्या नहीं।
जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम
पिछली इमेजिंग या रेफरल नोट्स ओपीडी में साथ लाएं। सर्जन स्कैन पर फ्रैक्चर दिखाएंगे, फिक्सेशन प्लान बताएंगे, और निशान, डाइट, काम पर लौटने के सवालों के जवाब देंगे। सेकेंड ओपिनियन लेना चाहें तो उसका स्वागत है। जयपुर हॉस्पिटल में कंसल्टेशन बुक करके ट्रीटिंग सर्जन से यह बातचीत करें।
किन लक्षणों पर मुझे स्पेशलिस्ट (विशेषज्ञ) को दिखाना चाहिए?
संक्षेप में
अगर आपके चेहरे पर सूजन, नीले निशान, दर्द, मुँह खोलने में तकलीफ, दाँतों का न मिलना, डबल विज़न (दोहरी दृष्टि), गाल या होंठ में सुन्नपन, नाक बंद होना या खून बहना जो न रुके, तो जयपुर हॉस्पिटल में स्पेशलिस्ट (विशेषज्ञ) को दिखाएँ। ये लक्षण फ्रैक्चर (फ्रैक्चर) या सॉफ्ट-टिश्यू इंजरी (मुलायम ऊतकों की चोट) की ओर इशारा करते हैं जिनकी जाँच जरूरी है।
विस्तार से
चेहरे की चोट (फेशियल ट्रॉमा) हड्डी और सॉफ्ट टिश्यू (मुलायम ऊतक) को ऐसे तरीकों से प्रभावित कर सकती है जो साफ न दिखें।
किसी भी चोट के बाद सूजन और नीले निशान आम हैं, लेकिन कुछ दिनों के बाद भी सूजन बने रहना गहरे हेमेटोमा (खून का जमा) या फ्रैक्चर (फ्रैक्चर) का संकेत हो सकता है।
मुँह खोलने में दिक्कत या दाँतों के मिलने के तरीके में बदलाव अक्सर मैंडिबल (जबड़े) या मैक्सिला (ऊपरी जबड़े) के फ्रैक्चर की ओर इशारा करता है।
डबल विज़न (दोहरी दृष्टि) या आँख हिलाने पर दर्द का मतलब ऑर्बिटल फ्लोर (आँख की कोटर का तल) का फ्रैक्चर हो सकता है जिसमें मसल (पेशी) फँस जाती है।
गाल या ऊपरी होंठ पर सुन्नपन जाइगोमैटिक (गाल की हड्डी) फ्रैक्चर से इन्फ्राऑर्बिटल नर्व (नस) की चोट बताता है। नाक से खून जो न रुके या नाक की नई विकृति (डिफॉर्मिटी) को रिडक्शन (हड्डी बैठाना) की जरूरत हो सकती है।
जल्दी स्पेशलिस्ट (विशेषज्ञ) की राय से इमेजिंग हो जाती है और यह तय होता है कि सही समय (ऑप्टिमल विंडो) में सर्जरी (ऑपरेशन) चाहिए या नहीं।
एक आम धारणा
कई लोग सूजन उतरने का इंतजार करते हैं।
असल में क्या होता है
लेकिन आज का नॉर्मल बाइट (दाँतों का मिलान) कल सूजन बदलने से बिगड़ सकता है। सुन्नपन मामूली लगे पर नर्व (नस) इंजरी का संकेत देता है। जल्दी रिव्यू (जाँच) से फ्रैक्चर (फ्रैक्चर) छूटने से बचते हैं।
जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम
लक्षण बढ़ने का इंतजार न करें। इमरजेंसी (आपातकाल) विभाग या ओपीडी (ओपीडी) में क्लिनिकल जाँच और सीटी स्कैन (सीटी स्कैन) करवाएँ। सर्जन ऑपरेशन (सर्जरी) के समय की सलाह देंगे, जो आमतौर पर चोट के एक से दो हफ्ते के अंदर होता है। जयपुर हॉस्पिटल में अपॉइंटमेंट (परामर्श) बुक करवाएँ ताकि आपके लक्षणों की जल्दी जाँच हो सके।
नतीजे मेरे इलाज की योजना को कैसे बदलेंगे?
संक्षेप में
जयपुर हॉस्पिटल में इमेजिंग के नतीजे तय करते हैं कि फ्रैक्चर को ओपन रिडक्शन और इंटरनल फिक्सेशन, क्लोज्ड रिडक्शन या केवल निगरानी की जरूरत है। डिस्प्लेसमेंट, कॉमिन्यूशन, ऑक्लूजन डिस्टर्बेंस, ऑर्बिटल वॉल्यूम चेंज और नर्व इन्वॉल्वमेंट से फैसला होता है। सर्जन फिक्सेशन तकनीक को फ्रैक्चर पैटर्न और आपकी कार्यात्मक जरूरतों से मिलाता है।
विस्तार से
सीटी के नतीजे सीधे ऑपरेटिव प्लान बनाते हैं। मामूली डिस्प्लेसमेंट वाला मैंडिबुलर एंगल फ्रैक्चर जिसमें ऑक्लूजन सामान्य है, उसे केवल मैक्सिलोमैंडिबुलर फिक्सेशन और सॉफ्ट डाइट से संभाला जा सकता है।
डिस्प्लेस्ड सबकॉन्डाइलर फ्रैक्चर जिसमें मैलोक्लूजन है, आमतौर पर इंट्राऑरल या रेट्रोमैंडिबुलर अप्रोच से मिनीप्लेट फिक्सेशन के साथ ओपन रिडक्शन चाहता है। जाइगोमैटिकोमैक्सिलरी कॉम्प्लेक्स फ्रैक्चर जिनमें ऑर्बिटल रिम स्टेप-ऑफ या एनोफ्थैल्मोस है, आमतौर पर थ्री-पॉइंट फिक्सेशन चाहते हैं।
ऑर्बिटल फ्लोर फ्रैक्चर जिनमें मसल एंट्रैपमेंट या दो मिलीमीटर से ज्यादा एनोफ्थैल्मोस है, उन्हें टाइटेनियम मेश या पोरस पॉलीइथाइलीन से रीकंस्ट्रक्ट किया जाता है।
नेज़ल फ्रैक्चर जिनमें सेप्टल डेविएशन और एयरवे ऑब्सट्रक्शन है, उन्हें एक्यूटली क्लोज्ड रिडक्शन या बाद में ओपन सेप्टोराइनोप्लास्टी की जरूरत हो सकती है। सर्जन टाइमिंग पर भी विचार करता है: दो हफ्ते के अंदर अर्ली सर्जरी आसान होती है, इससे पहले कि फाइब्रस यूनियन बने। आपकी सामान्य सेहत, उम्र और पसंद पर चर्चा के बाद फाइनल प्लान बनता है।
एक आम धारणा
मरीज़ अक्सर सोचते हैं कि हर फ्रैक्चर को प्लेट चाहिए।
असल में क्या होता है
कई नॉन-डिस्प्लेस्ड फ्रैक्चर केवल मैक्सिलोमैंडिबुलर फिक्सेशन और डाइट मॉडिफिकेशन से अच्छी तरह भर जाते हैं। ओवर-ट्रीटिंग से निशान और हार्डवेयर का जोखिम बढ़ता है। प्लान फ्रैक्चर के हिसाब से बनता है, किसी तय प्रोटोकॉल के नहीं।
जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम
इमेजिंग के बाद सर्जन बताएंगे कि किन फ्रैक्चर को फिक्सेशन चाहिए और किन्हें निगरानी में रखा जा सकता है। आप अप्रोच, दो से पांच रात के अपेक्षित हॉस्पिटल स्टे और चार से छह हफ्ते की सॉफ्ट डाइट अवधि पर चर्चा करेंगे।
चेहरे की चोट की सर्जरी के बाद लक्षण बने रहें या बढ़ें तो मुझे क्या करना चाहिए?
संक्षेप में
अगर आपको डॉक्टर की दी हुई दवा से भी आराम न मिलने वाला बढ़ता दर्द, चीरे या मुँह से खून बहना, बुखार, लाली, गर्माहट, मवाद या लाल धारियों जैसे संक्रमण के लक्षण, टाँके ढीले होना या घाव खुलना, साँस लेने, बोलने या निगलने में तकलीफ, या पिंडली में दर्द जो खून के थक्के का इशारा हो, तो तुरंत जयपुर हॉस्पिटल से संपर्क करें। इनकी तुरंत जाँच ज़रूरी है।
विस्तार से
ऑपरेशन के बाद की जटिलताएँ, हालाँकि सबमें नहीं होतीं, सर्जरी के शोध में दर्ज हैं।
चेहरे के फ्रैक्चर फिक्सेशन के अध्ययनों में जटिलता की दर खास मसलों जैसे संक्रमण, गलत जुड़ाव (मैलयूनियन), या नस की चोट के लिए लगभग 7% से 13% तक बताई गई है।
गहरा संक्रमण, हार्डवेयर का बाहर दिखना, और दाँतों का सही न मिलना (मैलोक्लूज़न) जाने-माने जोखिम हैं। healthy.kaiserpermanente.org के दिशानिर्देश खतरे के खास लक्षण गिनाते हैं: बेकाबू दर्द, घाव खुलना (वाउंड डिहिसेंस), सक्रिय रक्तस्राव, संक्रमण के लक्षण, बुखार, न्यूरोवैस्कुलर बदलाव, और वेनस थ्रोम्बोएम्बोलिज़्म के लक्षण।
संक्रमण या हार्डवेयर फेल होने पर जल्दी दोबारा दखल देने से नतीजे बेहतर होते हैं। उम्मीद से ज़्यादा वक्त तक सुन्नपन या मैलोक्लूज़न बने रहने पर भी समीक्षा ज़रूरी है।
सर्जन घाव देखेंगे, दाँतों का मिलान जाँचेंगे, और हड्डी की पोज़ीशन व हार्डवेयर की मज़बूती देखने के लिए इमेजिंग करवा सकते हैं।
एक आम धारणा
कुछ मरीज़ समझते हैं कि हफ्तों रहने वाली हल्की सूजन या सुन्नपन इमरजेंसी है।
असल में क्या होता है
सूजन 48 घंटे में चरम पर पहुँचकर धीरे-धीरे घटती है। नस खिंचने से हुआ सुन्नपन अक्सर महीनों लेता है। खतरे के लक्षण नए या बढ़ते लक्षण हैं: ताज़ा खून, चढ़ता बुखार, या अचानक काम करना बंद करना।
जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम
इमरजेंसी नंबर हाथ में रखें। अगले तय अपॉइंटमेंट का इंतज़ार न करें अगर कोई चेतावनी लक्षण दिखे। अगर आपका जबड़ा तार से बँधा है, तो हमेशा वायर कटर साथ रखें और उसे चलाना जानें।
घाव की चिंता हो तो इमरजेंसी विभाग जाएँ या अस्पताल फोन करें। 6 हफ्ते बाद भी सुन्नपन या काटने में बदलाव रहे तो ओपीडी रिव्यू माँगें।
मैं कैसे तय करूँ कि नेज़ल बोन फ्रैक्चर रिडक्शन के लिए सलाह लेनी चाहिए?
संक्षेप में
नेज़ल बोन फ्रैक्चर रिडक्शन की सलाह लें अगर नाक की चोट के बाद लगातार रुकावट रहे, नाक साफ टेढ़ी दिखे, बार-बार नकसीर (नोज़ब्लीड) हो, या दर्द न बैठे। जयपुर हॉस्पिटल में सर्जन देखेंगे कि तीव्र अवस्था में क्लोज्ड रिडक्शन ठीक है या बाद में ओपन सेप्टोराइनोप्लास्टी चाहिए।
विस्तार से
विस्थापित नेज़ल फ्रैक्चर के लिए नेज़ल बोन रिडक्शन या सेप्टोराइनोप्लास्टी की जाती है। क्लोज्ड रिडक्शन आमतौर पर जल्दी की जाती है, जबकि पुराना या जटिल फ्रैक्चर होने पर ओपन सर्जरी चाहिए। सर्जन नेज़ल सेप्टम, एयरवे, और बाहरी आकार का आकलन करते हैं।
पहले दो हफ्ते में जल्दी आकलन से आसान प्रबंधन हो पाता है। प्रक्रिया आमतौर पर जनरल एनेस्थीसिया में होती है और दूसरी चेहरे की फ्रैक्चर फिक्सेशन के साथ जोड़ी जा सकती है।
एक आम धारणा
कई लोग महीनों इंतज़ार करते हैं कि नाक खुद सीधी हो जाए।
असल में क्या होता है
दो हफ्ते के अंदर जल्दी रिडक्शन सरल है और अक्सर बाद में बड़ी सर्जरी की ज़रूरत टाल देती है।
जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम
अगर चोट के बाद नाक टेढ़ी दिखे या उससे साँस न ले पाएँ, तो तुरंत इमरजेंसी विभाग जाएँ या ओपीडी विज़िट बुक करें। पुरानी इमेजिंग साथ लाएँ। सर्जन विकल्प, आम रिकवरी, और खर्च समझाएँगे। जयपुर हॉस्पिटल संपर्क करके कंसल्टेशन तय करें।
सवाल-जवाब
चेहरे की चोट की सर्जरी (फेशियल ट्रॉमा सर्जरी): सवाल और जवाब
जब आप हमसे संपर्क करते हैं
जब आप हमें कॉल करते हैं तो आपको क्या मिलता है
हमें कॉल करें या ओपीडी में आएँ — हम आपकी चोट देखेंगे, आपके विकल्प समझाएँगे और अगला कदम तय करने में मदद करेंगे।
- ओपीडी में प्लास्टिक सर्जन (कंसल्टेंट / सर्जन) से परामर्श
- आपके स्कैन और रिपोर्ट की समीक्षा, ज़रूरत हो तो यहीं जाँच (लैब, एक्स-रे और इमेजिंग)
- आपके विकल्प आसान शब्दों में समझाए जाएँगे, इसमें यह भी कि सर्जरी (ऑपरेशन) की ज़रूरत है या नहीं
- फैसला लेने से पहले अनुमानित खर्च
- RGHS, मा योजना, CGHS और पैनल में शामिल बीमा कंपनियों और टीपीए के तहत कैशलेस इलाज में मदद
- आपके इलाज के बाद फॉलो-अप विज़िट
पूरी जानकारी
चेहरे की चोट की सर्जरी (फेशियल ट्रॉमा सर्जरी): ज़रूरी जानकारी
चेहरे की चोट की सर्जरी क्या है?
- 1 से 3 घंटे ऑपरेशन का समय
- 2 से 5 रात अस्पताल में रुकना
- ₹50,000 से ₹2,00,000 भारत में खर्च की सीमा
चेहरे की चोट की सर्जरी (फेशियल ट्रॉमा सर्जरी) चेहरे या जबड़े की चोट को ठीक करती है। चेहरे में कोमल ऊतक (सॉफ्ट टिश्यू) और हड्डी होती है, और चोट से दोनों को नुकसान हो सकता है। सर्जरी खून बहना रोकने, क्षतिग्रस्त ऊतक की मरम्मत करने या टूटी हड्डियों को जोड़ने के लिए की जाती है।
ओपन रिडक्शन और इंटरनल फिक्सेशन, या ORIF, उस ऑपरेशन का नाम है जिसमें टूटी हड्डी के टुकड़ों को वापस जगह पर लाकर छोटी प्लेटों और स्क्रू से रोका जाता है। यह सर्जरी एक मैक्सिलोफेशियल सर्जन करते हैं।
इसमें शामिल हो सकते हैं:
- निचला जबड़ा
- ऊपरी जबड़ा
- गाल की हड्डी
- आंख का सॉकेट
- नाक
जयपुर हॉस्पिटल में ऑपरेशन आमतौर पर 1 से 3 घंटे का होता है और जनरल एनेस्थीसिया (पूरी बेहोशी) में किया जाता है। अस्पताल में 2 से 5 रात रुकना आम बात है।
ठीक होने में समय लगता है। सर्जरी के बाद आपको ठीक होने में कुछ महीने लग सकते हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि निचले जबड़े की चोटों को ठीक होने में ऊपरी जबड़े की चोटों से लगभग दोगुना समय लगा। हर चेहरे की चोट में ऑपरेशन की ज़रूरत नहीं होती। आपका सर्जन आपकी जांच करेगा और विकल्प समझाएगा।
भारत में इस सर्जरी का आम खर्च ₹50,000 से ₹2,00,000 के बीच है। खर्च फ्रैक्चर के प्रकार, इस्तेमाल हुए इम्प्लांट और अस्पताल में रुकने की अवधि पर निर्भर करता है। हमसे अनुमानित खर्च पूछें।
चेहरे की चोट के लक्षण और चेतावनी संकेत जिनमें उसी दिन देखभाल ज़रूरी है
- दवा के बाद भी दर्द कम न हो
- चीरे से खून बहे या खुल जाए
- संक्रमण के लक्षण
- लाल धारियां, मवाद या बुखार
- पिंडली, घुटने, जांघ या जांघ के जोड़ में दर्द
चेहरे की चोट से दर्द, सूजन और नीले निशान हो सकते हैं। शुरुआत में खाना खाना मुश्किल हो सकता है। अगर निचला जबड़ा टूटा है, तो चबाने में दिक्कत हो सकती है। आप शायद पूरा मुंह न खोल पाएं। चोट के बाद आपका चेहरा पहले जैसा नहीं दिख सकता। कभी-कभी बाद में और सर्जरी की ज़रूरत पड़ती है ताकि चेहरे का आकार पहले जैसा हो सके।
सर्जरी के बाद सूजन 5 से 7 दिन में कम हो सकती है, और नीले निशान 10 से 14 दिन में मिट सकते हैं। दिन में 3 या ज्यादा बार, 10 से 20 मिनट के लिए चेहरे पर बर्फ या कोल्ड पैक लगाने से मदद मिल सकती है।
अपने सर्जन से संपर्क करें या हमारे 24×7 इमरजेंसी विभाग में उसी दिन आएं अगर:
- दवा लेने के बाद भी दर्द कम न हो।
- आपके चीरे से खून बहे, या टांके ढीले पड़ जाएं या चीरा खुल जाए।
-
आपको संक्रमण के लक्षण दिखें, जैसे:
- दर्द बढ़ना
- सूजन
- गर्माहट
- लाली
- लाल धारियां, मवाद या बुखार हो।
- मुंह से खून आए, या बोलने या निगलने में तकलीफ हो।
- पिंडली, घुटने के पीछे, जांघ या जांघ के जोड़ (ग्रोइन) में दर्द हो।
चेहरे के फ्रैक्चर के कारण और किन्हें ज्यादा देखभाल की ज़रूरत हो सकती है
- आधे मरीजों ने कामकाज पाया
- एक अध्ययन में 20 दिन के अंदर
- उम्र और लिंग का संबंध नहीं
- कोई सांख्यिकीय सबूत नहीं मिला
चेहरे की चोट (फेशियल ट्रॉमा) चेहरे या जबड़े की चोट है। चोट से कोमल ऊतक (सॉफ्ट टिश्यू) को नुकसान हो सकता है, हड्डी टूट सकती है या खून बह सकता है।
फ्रैक्चर का प्रकार और चोट का कारण प्रभावित कर सकता है कि रिकवरी (ठीक होना) में कितना समय लगेगा। एक अध्ययन ने इस संबंध को देखा लेकिन इसके लिए कोई सांख्यिकीय सबूत नहीं मिला। उसी अध्ययन ने उम्र और लिंग को भी देखा और कोई सांख्यिकीय सबूत नहीं मिला।
कुछ फ्रैक्चर में ज्यादा समय और फॉलो-अप की ज़रूरत होती है। निचले जबड़े का फ्रैक्चर चबाने की समस्या से जुड़ा होता है, और निचले जबड़े की चोटें ऊपरी जबड़े की चोटों के मुकाबले ठीक होने में ज्यादा समय ले सकती हैं। निचले जबड़े के फ्रैक्चर वाले कुछ मरीजों को क्लोज्ड रिडक्शन इलाज के लिए अस्पताल में रुकना पड़ सकता है।
चेहरे की चोटों से कुछ समय के लिए खाना और बोलना मुश्किल हो सकता है। चेहरे की चोट के एक अध्ययन में, आधे मरीजों ने 20 दिन के अंदर अपना कामकाज वापस पा लिया। रिकवरी का समय हर व्यक्ति में अलग होता है।
चेहरे की चोट की पहचान कैसे की जाती है
आपका सर्जन आपके चेहरे और जबड़े की जांच करेगा और पूछेगा कि चोट कैसे लगी।
जांच में देखा जाता है:
- आप कितना मुंह खोल सकते हैं
- आप कितनी अच्छी तरह चबा सकते हैं
- कहीं सुन्नपन तो नहीं है
निचले जबड़े के फ्रैक्चर में चबाने की समस्या आम है।
इमेजिंग (जांच) से पता चलता है कि कौन सी हड्डी टूटी है। अध्ययनों में हड्डी का आकलन करने के लिए डायरेक्ट डिजिटल पैनोरमिक मशीन का इस्तेमाल किया गया था। जयपुर हॉस्पिटल में इन-हाउस इमेजिंग और रेडियोलॉजी, एक्स-रे, 24 घंटे की प्रयोगशाला, और इन-हाउस डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला है।
नतीजों से आपके सर्जन को पता चलता है कि कौन सी हड्डी शामिल है, टूटे टुकड़े अपनी जगह से हिले हैं या नहीं, और आंख का सॉकेट या नाक प्रभावित है या नहीं। आपका सर्जन इस जानकारी से आपका इलाज तय करेगा।
कभी-कभी पूरी योजना बनने से पहले इलाज की ज़रूरत होती है, जैसे जब खून बह रहा हो या घाव की देखभाल करनी हो। हमारी टीम आपको बताएगी कि क्या ज़रूरी है और क्यों।
सर्जरी के बिना चेहरे के फ्रैक्चर का इलाज और कब सर्जरी की सलाह दी जाती है
हर चेहरे के फ्रैक्चर में सर्जरी की ज़रूरत नहीं होती। कुछ टूटे जबड़ों का इलाज क्लोज्ड रिडक्शन से किया जाता है, जहां बिना खुले ऑपरेशन के हड्डी को जोड़ा जाता है। जबड़े को तारों या एक उपकरण से रोका जा सकता है, जिसे मैक्सिलोमैंडिबुलर फिक्सेशन कहते हैं। एक अध्ययन में यह उपकरण 4 हफ्ते पर हटाया गया था। आपको आमतौर पर 4 से 6 हफ्ते तक नरम खाना (सॉफ्ट डाइट) लेने को कहा जाएगा।
सर्जरी खून रोकने, क्षतिग्रस्त ऊतक की मरम्मत करने या टूटी हड्डी जोड़ने के लिए की जा सकती है। आपका सर्जन बताएगा कि ऑपरेशन आपके लिए सही है या नहीं। ओपन रिडक्शन और इंटरनल फिक्सेशन के दौरान, छोटी प्लेटें और स्क्रू हड्डी को रोके रखते हैं।
एक अध्ययन में इस्तेमाल हुए स्क्रू के आकार 1.5 मिमी, 2.0 मिमी और 2.4 मिमी थे। टांके सर्जरी के घाव बंद करते हैं, और उन्हें आमतौर पर सर्जरी के लगभग एक हफ्ते बाद हटाया जाता है।
मुख्य तकनीकें हैं:
- निचले या ऊपरी जबड़े का ORIF, मुंह के अंदर से या बाहर एक छोटे कट से मिनीप्लेट लगाकर।
- ZMC फिक्सेशन, गाल की हड्डी के फ्रैक्चर के लिए 3-पॉइंट फिक्सेशन का इस्तेमाल करके।
- ऑर्बिटल फ्लोर रिकंस्ट्रक्शन, टाइटेनियम मेश (जाली) या पोरस पॉलीइथाइलीन इम्प्लांट का इस्तेमाल करके।
- नेज़ल बोन रिडक्शन, ताज़ी चोट के लिए क्लोज्ड रिडक्शन या बाद में ज़रूरत पड़ने पर खुली प्रक्रिया से।
आपका सर्जन बताएगा कि आपके फ्रैक्चर के लिए कौन सा विकल्प ठीक है। निचले जबड़े के फ्रैक्चर के लिए दो तरह की मिनीप्लेट की तुलना करने वाले अध्ययनों में नतीजे में कोई बड़ा अंतर नहीं मिला, और दोनों बराबर काम करती थीं।
एक अन्य अध्ययन में प्लेट समूहों के बीच जटिलता (कॉम्प्लिकेशन) दर में कोई सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण अंतर नहीं मिला।
सूजन आमतौर पर 2 से 4 हफ्ते में बैठ जाती है। अगर आपका जबड़ा तार से बंधा है, तो हमेशा वायर कटर साथ रखें ताकि उल्टी होने पर काम आ सके। आपका डॉक्टर आपको बताएगा कि उनका इस्तेमाल कैसे करना है। आप कब काम पर लौट सकते हैं यह आपकी चोट और आपके काम के प्रकार पर निर्भर करता है। कुछ लोग 1 से 2 हफ्ते में वापस जा सकते हैं।
जयपुर हॉस्पिटल में चेहरे की चोट की सर्जरी की तैयारी
करें
- सर्जन को सभी दवाएं बताएं
- घर ले जाने के लिए किसी का इंतजाम करें
- एनेस्थीसिया से पहले उपवास का समय मानें
चेहरे की चोट की सर्जरी (फेशियल ट्रॉमा सर्जरी) चेहरे या जबड़े की चोट ठीक करने के लिए की जाती है। ऑपरेशन से पहले, आपका सर्जन आमतौर पर आपके स्कैन और सामान्य सेहत की समीक्षा करेगा। आपको हड्डी जांचने के लिए डिजिटल पैनोरमिक एक्स-रे जैसी इमेजिंग करानी पड़ सकती है।
अपने सर्जन को हर दवा के बारे में बताएं जो आप ले रहे हैं, जिसमें शामिल हैं:
- खून पतला करने की दवाएं (ब्लड थिनर्स)
- डायबिटीज की दवाएं
- हर्बल उत्पाद
खुद से कोई दवा बंद न करें। आपका सर्जन बताएगा कि सर्जरी से पहले किसी चीज़ में बदलाव की ज़रूरत है या नहीं। अपने सर्जन को एलर्जी और पिछले ऑपरेशन के बारे में बताएं। डिस्चार्ज के बाद घर ले जाने के लिए किसी का इंतजाम करें।
अस्पताल आपको बताएगा कि जनरल एनेस्थीसिया (पूरी बेहोशी) से पहले कब खाना-पीना बंद करना है। उस समय का सख्ती से पालन करें। अपना पहचान पत्र, योजना या बीमा कार्ड, पुराने स्कैन, और दवाओं की सूची साथ लाएं। ढीले, आगे से खुलने वाले कपड़े पहनना आसान रहता है।
आप कागजी काम के लिए एक परिवार के सदस्य या अटेंडेंट को साथ रख सकते हैं। अस्पताल में इन-हाउस डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला और इमेजिंग / रेडियोलॉजी है। भर्ती होने से पहले हमसे अनुमानित खर्च पूछें। ऑपरेशन से पहले अपने सर्जन से कोई भी सवाल पूछ लें।
चेहरे की चोट की सर्जरी कैसे की जाती है
- जनरल एनेस्थीसिया दी जाती है ऑपरेशन के दौरान आप सोए रहेंगे
- सर्जन स्कैन देखकर तरीका तय करता है शामिल हड्डियों के आधार पर
चेहरे की चोट की सर्जरी खून रोकने, क्षतिग्रस्त ऊतक की मरम्मत करने या टूटी हड्डियों को जोड़ने के लिए की जाती है। ऑपरेशन आमतौर पर जनरल एनेस्थीसिया (पूरी बेहोशी) देकर किया जाता है। ऑपरेशन के दौरान आप सोए रहेंगे। इसमें लगभग 1 से 3 घंटे लगते हैं। आमतौर पर आपको अस्पताल में 2 से 5 रात रुकना पड़ता है। आपका सर्जन आपके स्कैन और शामिल हड्डियों को देखकर तरीका तय करेगा।
चेहरे के फ्रैक्चर जोड़ने के कई सामान्य तरीके हैं। आपका सर्जन बताएगा कि आपकी चोट के लिए कौन सा सही है।
- जबड़े के फ्रैक्चर के लिए ORIF: सर्जन जबड़े के टूटे हिस्सों को वापस जगह पर रखता है और छोटी प्लेटों व स्क्रू से पकड़ता है। इसे ओपन रिडक्शन और इंटरनल फिक्सेशन कहते हैं। रास्ता मुंह के अंदर से या चेहरे पर चीरा लगाकर हो सकता है। प्लेट और स्क्रू हड्डी को तब तक थामे रखते हैं जब तक वह जुड़ नहीं जाती।
- गाल की हड्डी की फिक्सेशन: गाल की हड्डी टूटने पर सर्जन थ्री-पॉइंट फिक्सेशन से हड्डी को स्थिति में रख सकता है।
- आंख के नीचे की हड्डी (ऑर्बिटल फ्लोर) की मरम्मत: अगर आंख के नीचे की हड्डी टूटी है, तो सर्जन टाइटेनियम मेश (जाली) या पोरस पॉलीइथाइलीन इम्प्लांट से फ्लोर को दोबारा बना सकता है।
- नाक की हड्डी का इलाज: ताज़ा नाक फ्रैक्चर का इलाज क्लोज्ड रिडक्शन से हो सकता है। अगर बाद में आकार या सांस लेने में सुधार की ज़रूरत हो, तो सेप्टोराइनोप्लास्टी जैसी ओपन प्रक्रिया पर विचार किया जा सकता है।
हमारी सर्जिकल टीम टांकों से घाव बंद करेगी। ऑपरेशन के दिन एनेस्थीसिया टीम आपकी जांच करेगी। ऑपरेशन के बाद आपको रिकवरी एरिया में निगरानी में रखा जाएगा, फिर कमरे में भेजा जाएगा। आपका सर्जन बताएगा कि क्या किया गया और आगे क्या उम्मीद रखें।
चेहरे की चोट की सर्जरी के जोखिम और जटिलताएं (कॉम्प्लिकेशन)
- 8.9% कुल जटिलताएं
- 7.14% कन्वेंशनल मिनीप्लेट ग्रुप
- नहीं अंतर महत्वपूर्ण नहीं
हर सर्जरी के कुछ जोखिम होते हैं। एक अध्ययन में मैंडिबुलर (जबड़े) फ्रैक्चर की मिनीप्लेट से मरम्मत में पांच जटिलताएं हुईं, जो कुल का 8.9% थीं। एक प्लेट ग्रुप में दर 7.14% और दूसरे में 10.71% थी। ग्रुप्स के बीच का अंतर सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण नहीं था। ये आंकड़े एक अध्ययन के हैं और हर फ्रैक्चर पर लागू नहीं हो सकते।
एक अध्ययन में 3-डाइमेंशनल मिनीप्लेट से इलाज किए गए 28 फ्रैक्चर साइट्स की तुलना 28 कन्वेंशनल मिनीप्लेट वाले साइट्स से की गई।
संभावित समस्याओं में शामिल हैं:
- संक्रमण (इन्फेक्शन)
- खून बहना
- ढीले टांके
- घाव का खुल जाना
पैर में खून का थक्का जमना एक और संभावित समस्या है। कुछ लोगों को बाद में चेहरे के आकार में सुधार के लिए और सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है। चोट के बाद आपका चेहरा पहले जैसा नहीं दिख सकता।
इस पेज के लिए इस्तेमाल किए गए अध्ययन हर तरह के चेहरे के फ्रैक्चर के लिए एक जटिलता दर नहीं देते। आपका सर्जन आपकी चोट पर लागू होने वाले जोखिमों पर चर्चा करेगा। किन लक्षणों पर नज़र रखनी है और कब मदद लेनी है, इस बारे में पूछें।
चेहरे की चोट की सर्जरी के बाद रिकवरी (ठीक होना)
- अस्पताल में रहना 2 से 5 रात
- सूजन कम होना 2 से 4 हफ्ते
- नील मिटना 10 से 14 दिन
- सॉफ्ट डाइट (मुलायम खाना) 4 से 6 हफ्ते
- काम पर लौटना कुछ के लिए 1 से 2 हफ्ते
- पूरी तरह ठीक होना कुछ महीने
सर्जरी के बाद आप आमतौर पर 2 से 5 रात अस्पताल में रहेंगे। सूजन आमतौर पर 2 से 4 हफ्ते में ठीक होती है। नील (ब्रूज़िंग) को मिटने में 10 से 14 दिन लग सकते हैं।
कोल्ड पैक मदद कर सकते हैं: चेहरे या जबड़े पर बर्फ या कोल्ड पैक 10 से 20 मिनट के लिए रखें, दिन में 3 या अधिक बार।
आमतौर पर आपको 4 से 6 हफ्ते तक सॉफ्ट डाइट (मुलायम खाना) लेनी होगी। शुरुआत में खाना मुश्किल हो सकता है। जो डाइट आपका सर्जन दे, उसका पालन करें। घाव को साफ और सूखा रखें, और अपनी सर्जिकल टीम के निर्देश मानें। टांके सर्जरी के लगभग एक हफ्ते बाद निकाले जा सकते हैं।
अगर आपका जबड़ा तार से बंधा है, तो तार काटने की कैंची (वायर कटर) हर समय अपने पास रखें ताकि उल्टी होने पर खोल सकें। आपका डॉक्टर आपको बताएगा कि इनका इस्तेमाल कैसे करना है।
पूरी तरह ठीक होने में कुछ महीने लग सकते हैं। आप कब काम पर लौट सकते हैं, यह आपकी चोट और काम के प्रकार पर निर्भर करता है। कुछ लोग 1 से 2 हफ्ते में काम पर लौट जाते हैं। अपने सर्जन के बताए फॉलो-अप ओपीडी विज़िट पर जाएं। शुरुआती कुछ दिनों के लिए घर पर मदद के लिए किसी को रखें।
अभी अस्पताल को कॉल करें अगर:
- दर्द की दवा लेने के बाद भी दर्द ठीक न हो
- टांके ढीले हों या चीरा खुल जाए
- चीरे से खून बहे
संक्रमण (इन्फेक्शन) के लक्षण दिखें तो भी कॉल करें, जैसे:
- दर्द बढ़ना
- सूजन
- गर्माहट
- लाली
लाल धारियां घाव से निकलें, मवाद निकले, या बुखार आए तो कॉल करें। पैर में खून का थक्का जमने के लक्षण हों, बोलने या निगलने में दिक्कत हो, या मुंह से खून आए तो तुरंत मदद लें।
अध्ययनों में चेहरे की चोट की सर्जरी के नतीजे
ऑपरेशन घायल चेहरे या जबड़े को ठीक करने के लिए किया जाता है। मैंडिबुलर (जबड़े) फ्रैक्चर के एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दो प्लेट सिस्टम के इलाज नतीजे में कोई बड़ा अंतर नहीं पाया। दोनों समान रूप से प्रभावी थे। एक अन्य अध्ययन में 3-डाइमेंशनल मिनीप्लेट और कन्वेंशनल मिनीप्लेट की जटिलता दर में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं मिला।
एक अध्ययन में आधे मरीज़ों को 20 दिनों के अंदर अपना सामान्य कामकाज वापस मिल गया। गाल की हड्डी, आंख की सॉकेट और नाक की चोटों के लिए औसत रिकवरी समय 11 दिन था, और ऊपरी व निचले जबड़े की चोटों के लिए 21 दिन।
एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि निचले जबड़े की चोटों को ठीक होने में ऊपरी जबड़े की चोटों से लगभग दोगुना समय लगा।
कुछ लोगों को बाद में चेहरे के आकार में सुधार के लिए एक और ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ सकती है। इस पेज के लिए इस्तेमाल किए गए अध्ययन यह नहीं बताते कि ऐसा कितनी बार होता है। ये नतीजे मरीज़ों के समूहों से आए हैं। ये आपके मामले में क्या होगा, यह नहीं बता सकते। आपका सर्जन आपके फ्रैक्चर के प्रकार के बारे में जो पता है, वह समझाएगा।
जयपुर में चेहरे की चोट की सर्जरी का खर्च और बीमा
भारत में चेहरे की चोट की सर्जरी का आम खर्च ₹50,000 से ₹2,00,000 के बीच होता है। हमसे अनुमानित खर्च पूछें। अंतिम खर्च फ्रैक्चर के प्रकार, शामिल हड्डियों, इस्तेमाल हुए इम्प्लांट और आपके रुकने की अवधि पर निर्भर करता है। 2 से 5 रात रुकना आम है। ज्यादा जटिल चोटों से बिल बदल सकता है। यह रेंज एक गाइड है, फिक्स्ड कीमत नहीं।
जयपुर हॉस्पिटल एक एनएबीएच मान्यता प्राप्त मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल है, जो निजी तौर पर चलाया जाता है। इसकी स्थापना फरवरी 1991 में हुई थी।
हम इनके साथ काम करते हैं:
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भर्ती होने से पहले अपनी स्कीम या पॉलिसी के बारे में हमसे पूछें। पूछें कि क्या आपकी स्कीम या पॉलिसी प्लांड सर्जरी को कवर करेगी। कवरेज आपकी पॉलिसी और स्कीम के नियमों पर निर्भर करता है। अपना कार्ड और दस्तावेज़ तैयार रखें।