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स्त्री रोग और प्रसूति · जयपुर हॉस्पिटल

जयपुर में गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन

आपको साफ़ गर्भनिरोधक विकल्प चाहिए। हम आपको काउंसलिंग, जाँच और एक सरल योजना देते हैं।

  • 1991 से जयपुर की सेवा में (35 साल)
  • एनएबीएच मान्यता प्राप्त
  • 24×7 इमरजेंसी और आईसीयू
  • कैशलेस: RGHS, मा योजना, CGHS + 22 बीमा कंपनियाँ
साथ में पुस्तिका देखता एक युवा दंपति, साथ में गर्भनिरोधक गोली और अंतर्गर्भाशयी उपकरण
प्रोसीजर का समय
15 से 30 मिनट
एनेस्थीसिया
लोकल या कोई नहीं
रिकवरी
उसी दिन सामान्य काम पर लौट सकते हैं
कीमत
₹500 से ₹15,000भारत में आम रेंज; हमसे अनुमानित खर्च पूछें

अनचाहे गर्भ की चिंता

आप तय नहीं कर पा रहे कि कौन सा गर्भनिरोधक आपकी ज़िंदगी में फिट बैठेगा

तरीका चुनना उलझन भरा लग सकता है। आपको साइड इफेक्ट, खर्च या भविष्य में गर्भधारण पर असर की फ़िक्र हो सकती है। आप बिना दबाव के साफ़ तथ्य चाहते हैं।

  • बहुत सारे विकल्प

    गोलियाँ, डिवाइस, इम्प्लांट और सर्जरी सब अलग तरह से काम करते हैं। अकेले उनकी तुलना करना मुश्किल है।

  • साइड इफेक्ट का डर

    आपने वजन बढ़ने, ब्लीडिंग में बदलाव या मूड स्विंग के बारे में सुना होगा। आप ईमानदार जानकारी चाहते हैं।

  • भविष्य में फर्टिलिटी

    आप सोचते हैं कि कोई तरीका बाद में गर्भधारण में देरी तो नहीं करेगा। आपको जानना है कि क्या रिवर्सिबल है।

  • इमरजेंसी ज़रूरत

    असुरक्षित यौन संबंध के बाद आपको जल्द एक भरोसेमंद विकल्प चाहिए। आप समय सीमा जानना चाहते हैं।

लॉन्ग-एक्टिंग रिवर्सिबल तरीके जैसे इंट्रायूटेराइन डिवाइस या इम्प्लांट सबसे ज़्यादा असरदार होते हैं।

जयपुर हॉस्पिटल क्यों

आप ऐसा तरीका चाहते हैं जो आपकी दिनचर्या और बजट में फिट हो, बिना अनचाहे साइड इफेक्ट या जजमेंट के।

  • 1991 से NABH मान्यता प्राप्त मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
  • 24 घंटे लैब, इमेजिंग और मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर
  • RGHS, मा योजना, CGHS और पैनल्ड इंश्योरर के तहत कैशलेस इलाज

आपके इलाज का प्लान

हमारे साथ आपके पहले कदम

  1. 1 कॉल करें या OPD आएं काउंसलिंग अपॉइंटमेंट के लिए
  2. 2 स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ सेहत इतिहास और पसंद पर चर्चा करें
  3. 3 तरीका चुनें और इंसर्शन या प्रोसीजर शेड्यूल करें
  4. 4 फॉलो-अप और ज़रूरी एडजस्टमेंट के लिए वापस आएं

तरीके कैसे दिए जाते हैं

स्त्री रोग विशेषज्ञ आपकी सेहत देखते हैं, हर विकल्प समझाते हैं, और चुना हुआ प्रोसीजर OPD या डे-केयर थिएटर में करते हैं। ज्यादातर प्रोसीजर 15 से 30 मिनट में लोकल या बिना एनेस्थीसिया के हो जाते हैं।

  • IUCD इंसर्शन

    कॉपर T या हार्मोनल IUS को गर्भाशय के अंदर रखा जाता है। यह सालों काम करता है और कभी भी निकाला जा सकता है।

  • सबडर्मल इम्प्लांट

    हार्मोन छोड़ने वाली रॉड को बांह के ऊपरी हिस्से की त्वचा के नीचे डाला जाता है। यह तीन साल तक चलता है।

  • ट्यूबल लिगेशन

    लेप्रोस्कोपिक या मिनी-लैप सर्जरी से फैलोपियन ट्यूब बंद की जाती हैं। यह लंबे समय की नसबंदी का तरीका है।

  • इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्शन

    असुरक्षित यौन संबंध के पांच दिन के अंदर ओरल पिल या कॉपर IUCD इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि गर्भ न ठहरे।

मरीज़ हम पर भरोसा क्यों करते हैं

  • 1991 35 साल से जयपुर की सेवा में
  • एनएबीएच मान्यता प्राप्त हॉस्पिटल
  • 3 स्त्री रोग और प्रसूति कंसल्टेंट
  • 24×7 इमरजेंसी, आईसीयू और एम्बुलेंस
  • 25 कैशलेस योजनाएँ और बीमा कंपनियाँ

अध्ययन गर्भनिरोधक के बारे में क्या बताते हैं

  • 99% से ज़्यादा असरदार

    IUD और इम्प्लांट हर साल 100 में से 99 से ज़्यादा महिलाओं में गर्भ रोकते हैं।

  • सालाना 1% से कम फेल्योर

    लॉन्ग-एक्टिंग तरीके जैसे इंट्रायूटेराइन डिवाइस और इम्प्लांट की फेल्योर दर सालाना 1% से कम होती है।

  • 85% असरदार

    इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल सही लेने पर 100 में से लगभग 85 महिलाओं में गर्भ रोकती है।

अगर इलाज न कराया जाए

गर्भनिरोधक के बिना अनचाहा गर्भ हो सकता है। इससे सेहत को खतरा होता है, खासकर किशोरियों में, और पढ़ाई या काम के मौके सीमित हो सकते हैं।

आपके मुताबिक तरीके के साथ ज़िंदगी

ज्यादातर लोगों को ऐसा तरीका मिल जाता है जो उनकी दिनचर्या में फिट बैठे और गर्भ के समय पर कंट्रोल दे।

  • पूर्वानुमानित दिनचर्या

    लॉन्ग-एक्टिंग तरीकों में आपको रोज़ कोशिश किए बिना पता रहता है कि सुरक्षा मौजूद है।

  • संभाले जा सकने वाले पीरियड

    हार्मोनल विकल्प अक्सर समय के साथ पीरियड हल्के या कम दर्द वाले बना देते हैं।

  • जब तैयार हों तब रिवर्सिबल

    IUD या इम्प्लांट निकलवाने पर ज्यादातर लोगों की फर्टिलिटी जल्दी लौट आती है।

  • मन की शांति

    आप लगातार गर्भ की चिंता किए बिना काम, पढ़ाई या परिवार पर ध्यान दे सकते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन के बारे में मरीज़ों के सवाल

गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन में किन समस्याओं का आकलन किया जाता है?

संक्षेप में

जयपुर हॉस्पिटल में गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन अनचाहे गर्भ को रोकने, बच्चों में अंतर रखने, और मासिक धर्म की स्वास्थ्य समस्याओं के प्रबंधन को कवर करता है। सेवा में काउंसलिंग, इंट्रायूटेराइन डिवाइस (IUD) लगाना, सबडर्मल इम्प्लांट, नसबंदी प्रक्रियाएं, और आपातकालीन गर्भनिरोधक शामिल हैं। हर तरीके को आपकी स्वास्थ्य प्रोफाइल और प्रजनन लक्ष्यों से मिलान किया जाता है।

विस्तार से

आकलन आपके मेडिकल इतिहास, वर्तमान दवाओं, और उच्च रक्तचाप, मधुमेह, या थक्के जमने के विकार जैसी स्थितियों की समीक्षा से शुरू होता है जो तरीके की पसंद को प्रभावित करते हैं।

अध्ययनों से पता चलता है कि कॉपर IUD अधिकांश रोगियों के लिए उपयुक्त हैं जबकि हार्मोनल IUD भारी रक्तस्राव को कम कर सकते हैं लेकिन थ्रोम्बोसिस के जोखिम का मूल्यांकन आवश्यक है।

संयुक्त हार्मोनल तरीकों से आमतौर पर बचा जाता है यदि आपको शिरापरक थ्रोम्बोसिस के जोखिम कारक हैं। लंबे समय तक काम करने वाले रिवर्सिबल तरीके जैसे IUD और इम्प्लांट सबसे अधिक प्रभावी हैं जिनकी विफलता दर प्रति वर्ष एक प्रतिशत से कम है।

टीम मासिक धर्म में बदलाव जैसे दुष्प्रभावों को भी संबोधित करती है, जो आम हैं और आमतौर पर हानिकारक नहीं होते, और संकेत मिलने पर यौन संचारित संक्रमणों की जांच करती है।

एक आम धारणा

बहुत से लोग सोचते हैं कि परिवार नियोजन केवल गर्भ रोकने के बारे में है।

असल में क्या होता है

वास्तव में, हार्मोनल IUD भारी मासिक धर्म और एंडोमेट्रियोसिस का इलाज कर सकते हैं, जबकि कॉपर IUD असुरक्षित यौन संबंध के पांच दिनों के भीतर आपातकालीन गर्भनिरोधक के रूप में काम करते हैं। सही विकल्प आपके स्वास्थ्य पर निर्भर करता है, न कि केवल सुविधा पर।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

आप स्त्री रोग ओपीडी में काउंसलिंग सत्र के लिए जा सकते हैं जहां डॉक्टर प्रत्येक विकल्प, सामान्य अवधि, और पांच सौ से पंद्रह हजार रुपये की लागत सीमा बताएंगे।

अधिकांश प्रक्रियाएं पंद्रह से तीस मिनट में लोकल या बिना एनेस्थीसिया के होती हैं और उसी दिन सामान्य गतिविधि में वापसी संभव है। पिछले मेडिकल रिकॉर्ड और वर्तमान दवाओं की सूची साथ लाएं। जयपुर हॉस्पिटल में परामर्श बुक करें ताकि आपके लिए उपयुक्त तरीके पर चर्चा हो सके।

डॉक्टर कैसे तय करेंगे कि गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन के लिए मुझे किन जांचों की जरूरत है?

संक्षेप में

जयपुर हॉस्पिटल में डॉक्टर आपके मेडिकल इतिहास, उम्र, और आप जिस तरीके पर विचार कर रहे हैं, उसके आधार पर जांच तय करते हैं। हर तरीके के लिए नियमित जांच आवश्यक नहीं हैं। हार्मोनल तरीके शुरू करने या IUCD लगाने से पहले ब्लड प्रेशर, वजन, और एक पेल्विक जांच आम हैं।

विस्तार से

यदि आपको थ्रोम्बोसिस के जोखिम कारक हैं जैसे मोटापा, 35 वर्ष से अधिक उम्र में धूम्रपान, या थक्के का पारिवारिक इतिहास, तो डॉक्टर संयुक्त हार्मोनल गर्भनिरोधक लिखने से पहले कोएगुलेशन अध्ययन या लिवर फंक्शन टेस्ट का आदेश दे सकते हैं।

अध्ययनों से पता चलता है कि प्रोजेस्टिन-केवल तरीके और कॉपर IUCD इन स्थितियों में अधिक सुरक्षित हैं और आमतौर पर अतिरिक्त जांच की आवश्यकता नहीं होती। IUCD सम्मिलन के लिए, मौजूदा गर्भावस्था को खारिज करने के लिए प्रेगनेंसी टेस्ट किया जाता है।

यदि आप जोखिम में हैं तो यौन संचारित संक्रमणों की जांच की पेशकश की जा सकती है, क्योंकि अनिदानित संक्रमण सम्मिलन के बाद पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज की संभावना बढ़ाता है।

अनियमित रक्तस्राव वाली महिलाओं को हार्मोनल IUCD चुनने से पहले फाइब्रॉएड या पॉलीप्स को बाहर करने के लिए थायरॉइड फंक्शन टेस्ट, हीमोग्लोबिन, या अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता हो सकती है। जयपुर हॉस्पिटल की इन-हाउस प्रयोगशाला अधिकांश बुनियादी जांचों के लिए उसी दिन परिणाम प्रदान करती है।

एक आम धारणा

कई महिलाएं सोचती हैं कि किसी भी गर्भनिरोधक से पहले उन्हें खून की जांच का पूरा पैनल चाहिए।

असल में क्या होता है

वास्तव में, कॉपर IUCD या इम्प्लांट शुरू करने वाली स्वस्थ महिलाओं को अक्सर केवल प्रेगनेंसी टेस्ट की आवश्यकता होती है। संयुक्त गोलियों को अधिक जांच की आवश्यकता होती है क्योंकि एस्ट्रोजन थक्के का जोखिम बढ़ाता है। डॉक्टर जांच को आपके अनुसार तैयार करते हैं, न कि एक निश्चित सूची के अनुसार।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

डॉक्टर बताएंगे कि प्रत्येक जांच क्यों सुझाई गई है और परिणाम आपके विकल्पों के लिए क्या मायने रखते हैं। अधिकांश जांच उसी विजिट पर या एक दिन के भीतर हो जाती हैं।

आप लागत या असुविधा के बारे में किसी भी चिंता पर चर्चा कर सकते हैं। आपकी सूचित सहमति के बिना कोई प्रक्रिया नहीं की जाती। जयपुर हॉस्पिटल में परामर्श बुक करें ताकि आपके स्वास्थ्य का आकलन हो और उचित जांच की व्यवस्था की जा सके।

चुने गए गर्भनिरोधक उपचार के बाद मुझे सुधार की उम्मीद कब करनी चाहिए?

संक्षेप में

सुधार चुने गए तरीके पर निर्भर करता है। कॉपर IUCD के लिए, गर्भनिरोधक तुरंत काम करता है। हार्मोनल IUCD और इम्प्लांट को पूरे प्रभाव के लिए सात दिन तक लग सकते हैं अगर पीरियड के पहले पांच दिनों के बाद डाला जाए। जयपुर हॉस्पिटल डालने के समय आपको स्पष्ट मार्गदर्शन देगा।

विस्तार से

नॉन-कॉन्ट्रासेप्टिव लाभ जैसे हार्मोनल IUCD के साथ हल्के पीरियड या कम दर्द आमतौर पर तीन से छह महीने में विकसित होते हैं। अध्ययन दिखाते हैं कि मासिक रक्तस्राव और दर्द अक्सर धीरे-धीरे कम होते हैं।

इम्प्लांट पहले महीनों में अनियमित स्पॉटिंग पैदा कर सकता है जो बाद में स्थिर हो जाती है। कॉपर IUCD शुरू में रक्तस्राव और ऐंठन बढ़ा सकता है, जो अक्सर समय के साथ सुधरता है।

कॉपर IUCD के साथ इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्शन तुरंत काम करता है और चल रही सुरक्षा के लिए जगह पर रह सकता है। आपका सर्जन आपके विशिष्ट तरीके के लिए क्या उम्मीद करनी है, समझाएंगे।

एक आम धारणा

एक आम धारणा है कि सभी तरीके तुरंत काम करते हैं और पीरियड तुरंत सुधर जाते हैं।

असल में क्या होता है

वास्तव में, हार्मोनल तरीके अक्सर पहले अनियमित स्पॉटिंग पैदा करते हैं, और कॉपर IUCD पीरियड को भारी बना सकता है इससे पहले कि वे स्थिर हों। टाइमलाइन जानने से आपको प्लान करने में मदद मिलती है।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

पहले कुछ महीनों में अपने रक्तस्राव पैटर्न और किसी भी लक्षण को ट्रैक करें। नियमित फॉलो-अप विज़िट पर जाएं, आमतौर पर डालने के बाद पहले पीरियड के बाद।

अगर रक्तस्राव भारी है, दर्दनाक है, या आपको चिंता है, तो जल्दी जयपुर हॉस्पिटल से संपर्क करें। अधिकांश तरीकों को किसी विशेष पुनर्वास की आवश्यकता नहीं होती।

आपका सर्जन सलाह देंगे कि संभोग कब फिर से शुरू करना है और किसी बैकअप कॉन्ट्रासेप्शन की जरूरत है या नहीं।

मेरी सेहत, पसंद और गर्भधारण योजनाओं के हिसाब से कौन सा गर्भनिरोधक तरीका सही है?

संक्षेप में

आपके लिए सही तरीका आपकी सेहत, क्या आप बाद में बच्चे चाहते हैं, और खून बहने के बदलाव आप कितना सहन कर सकते हैं, इस पर निर्भर करता है। जयपुर हॉस्पिटल काउंसलिंग देता है ताकि आपको सही विकल्प मिले। आपका सर्जन मेडिकल हिस्ट्री, लाइफस्टाइल और भविष्य की गर्भधारण योजनाएँ देखकर तरीका सुझाएगा।

विस्तार से

लॉन्ग-एक्टिंग रिवर्सिबल तरीके जैसे कॉपर IUCD, हार्मोनल IUCD, और सबडर्मल इम्प्लांट सबसे असरदार हैं और बहुत सी महिलाओं को सूट करते हैं। कॉपर IUCD हार्मोन-फ्री है और दस साल तक चलता है। हार्मोनल IUCD समय के साथ ज़्यादा खून बहना और दर्द कम करता है।

इम्प्लांट पाँच साल तक चलता है और ओव्यूलेशन रोकता है। ट्यूबल लिगेशन लंबे समय का है और उनके लिए सही है जो पक्का हैं कि भविष्य में गर्भधारण नहीं चाहते।

कंबाइंड हार्मोनल तरीके एक्ने या एंडोमेट्रियोसिस में मदद कर सकते हैं लेकिन कुछ कंडीशन में थ्रोम्बोसिस (खून का थक्का) का खतरा बढ़ाते हैं। प्रोजेस्टिन-ओनली तरीके कुछ सेहत समस्याओं में सुरक्षित हैं। आपका सर्जन हर विकल्प के फ़ायदे, साइड इफेक्ट और अवधि बताएगा।

एक आम धारणा

लोग अक्सर वही तरीका चुन लेते हैं जो सहेली इस्तेमाल करती है।

असल में क्या होता है

लेकिन मेडिकल हिस्ट्री, जैसे क्लॉटिंग रिस्क या माइग्रेन, बदल देती है कि क्या सुरक्षित है। साथ ही, कुछ तरीके ज़्यादा खून बहना ठीक करते हैं तो कुछ बढ़ाते हैं। पर्सनल रिव्यू मिसमैच रोकता है।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

कंसल्टेशन में अपनी मौजूदा दवाओं, पुरानी सर्जरी और किसी एलर्जी की लिस्ट ले जाएँ। सोचें कि माहवारी की नियमितता आपके लिए कितनी ज़रूरी है और आप कब गर्भधारण चाह सकते हैं।

सर्जन किसी तरीके को ट्राई करने और फिर फॉलो-अप रिव्यू का सुझाव दे सकता है। ज़रूरत पड़ने पर तरीका बदल सकते हैं।

मैं कैसे तय करूं कि IUCD डालने और निकालने के बारे में सलाह लेनी चाहिए?

संक्षेप में

IUCD पर विचार करें अगर आप तीन से दस साल तक लंबे समय तक चलने वाला रिवर्सिबल गर्भनिरोधक चाहते हैं, नॉन-हार्मोनल या कम हार्मोन वाला विकल्प पसंद करते हैं, या ऐसा इमरजेंसी गर्भनिरोधक चाहते हैं जो काम करता रहे। जयपुर हॉस्पिटल में कॉपर और हार्मोनल दोनों IUCD मिलते हैं और उपयुक्तता पर काउंसलिंग दी जाती है।

विस्तार से

सबूत दिखाते हैं कि इंट्रायूटेरिन डिवाइस निन्यानवे प्रतिशत से ज्यादा असरदार हैं और प्रकार के हिसाब से तीन से दस साल चलते हैं। कॉपर IUCD कोई हार्मोन नहीं छोड़ता और दस साल तक रह सकता है।

हार्मोनल IUS प्रोजेस्टिन छोड़ता है, भारी ब्लीडिंग कम करता है और तीन से आठ साल चलता है। दोनों स्तनपान कराने वाली महिलाओं समेत ज्यादातर महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं।

डालने में पंद्रह से तीस मिनट लगते हैं लोकल एनेस्थीसिया (उस जगह को सुन्न करना) या बिना एनेस्थीसिया के। निकालना जल्दी होता है और फर्टिलिटी तुरंत लौट आती है।

आप सलाह चाह सकते हैं अगर आपके भारी पीरियड्स हैं, रोज की गोलियों से बचना चाहते हैं, एंडोमेट्रियोसिस जैसी स्थिति है, या असुरक्षित सेक्स के पांच दिन के अंदर इमरजेंसी गर्भनिरोधक चाहिए।

डॉक्टर डालने से पहले गर्भाशय की असामान्यता, सक्रिय संक्रमण या अस्पष्ट ब्लीडिंग जांचता है। अगर डालने के बाद तेज पेल्विक दर्द, बुखार, असामान्य डिस्चार्ज हो या योनि में डिवाइस महसूस हो, तो तुरंत निकालने की सलाह लें।

एक आम धारणा

कुछ महिलाएं गोलियों के साइड इफेक्ट या खुराक भूलने तक इंतजार करती हैं।

असल में क्या होता है

IUCD यूजर की गलती से बचाता है लेकिन डालने और निकालने के लिए क्लिनिशियन चाहिए। सलाह में देरी से अनचाहा गर्भ या अनुपचारित साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

अपना मासिक पैटर्न, मेडिकल हिस्ट्री और पसंद लिख लें। स्त्री रोग OPD जाएं छोटी जांच और काउंसलिंग के लिए। डॉक्टर प्रक्रिया समझाएंगे, योग्यता जांचेंगे और डालने का समय तय करेंगे। जयपुर हॉस्पिटल में परामर्श बुक करें IUCD विकल्पों पर चर्चा के लिए।

क्या मैं अंतरंग जांच के लिए महिला चिकित्सक या चैपरोन की मांग कर सकती हूं?

संक्षेप में

हां, आप किसी भी अंतरंग जांच या प्रक्रिया के लिए महिला चिकित्सक या चैपरोन की मांग कर सकती हैं। जयपुर हॉस्पिटल आपकी सहूलियत का सम्मान करता है और IUCD डालने, इम्प्लांट लगाने या किसी भी स्त्रीरोग जांच के दौरान महिला डॉक्टर या प्रशिक्षित अटेंडेंट को मौजूद रखने का इंतज़ाम करेगा।

विस्तार से

हॉस्पिटल की पॉलिसी मरीज़ की गरिमा और पसंद का समर्थन करती है। अपॉइंटमेंट बुक करते समय आप महिला गायनकोलॉजिस्ट मांग सकती हैं। अगर पुरुष डॉक्टर ड्यूटी पर हैं, तो जांच के दौरान महिला नर्स या अटेंडेंट चैपरोन की तरह मौजूद रहेंगी।

यह IUCD डालने, इम्प्लांट डालने या निकालने, पेल्विक जांच और काउंसलिंग सेशन समेत सभी प्रक्रियाओं पर लागू होता है। आप अपना अटेंडेंट जैसे परिवार का सदस्य या दोस्त भी ला सकती हैं।

स्टाफ आगे बढ़ने से पहले हर स्टेप समझाएगा और अगर आप असहज महसूस करें तो रुक जाएगा। किसी भी अंतरंग प्रक्रिया से पहले आपकी सहमति ली जाती है। हॉस्पिटल प्राइवेसी, ड्रेपिंग और सम्मानजनक संवाद के मानक प्रोटोकॉल का पालन करता है।

एक आम धारणा

कुछ मरीज़ झिझकते हैं, सोचते हैं कि मांगने से देरी होगी या बुरा लगेगा।

असल में क्या होता है

हॉस्पिटल ऐसी मांग की उम्मीद करता है और महिला स्टाफ व प्रशिक्षित अटेंडेंट तैयार रखता है। न मांगने से आप संवेदनशील प्रक्रिया के दौरान असहज रह सकती हैं।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

जब आप अपॉइंटमेंट के लिए कॉल करें या आएं, तो महिला चिकित्सक या चैपरोन की अपनी पसंद बताएं। रिसेप्शन इसे नोट करके उसी हिसाब से शेड्यूल करेगा। आप पहुंचने पर नर्स से भी कह सकती हैं। जयपुर हॉस्पिटल में कंसल्टेशन बुक करें और हमें अपनी सहूलियत की ज़रूरतें बताएं।

किन लक्षणों पर मुझे विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए?

संक्षेप में

जयपुर हॉस्पिटल में स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाएं यदि आपको भारी या दर्दनाक मासिक धर्म, अनियमित चक्र, चक्र से जुड़े मुंहासे हैं, या गर्भनिरोधक शुरू करना, बदलना या बंद करना चाहते हैं। यह भी सलाह लें यदि आपको लगता है कि आप गर्भवती हो सकती हैं या आपको आपातकालीन गर्भनिरोधक की आवश्यकता है।

विस्तार से

भारी मासिक रक्तस्राव, गंभीर मासिक धर्म दर्द, अनियमित या अनुपस्थित मासिक धर्म, और चक्रीय मुंहासे जैसे लक्षण अक्सर एंडोमेट्रियोसिस या पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम जैसी हार्मोनल स्थितियों का संकेत देते हैं जिन्हें गर्भनिरोधक से प्रबंधित किया जा सकता है।

यदि आप कोई तरीका अपना रही हैं और आईयूडी के धागे गायब हैं, डिवाइस गर्भाशय ग्रीवा या योनि में महसूस होता है, गंभीर पेल्विक दर्द, अस्पष्ट बुखार, असामान्य योनि स्राव, या गर्भावस्था के लक्षण जैसे मासिक धर्म न आना या घरेलू टेस्ट पॉजिटिव है, तो ये डिवाइस के साथ समस्या का संकेत दे सकते हैं।

कॉपर आईयूडी पहले महीनों में मासिक धर्म को भारी बना सकता है, जबकि हार्मोनल आईयूडी और इम्प्लांट अक्सर अनियमित स्पॉटिंग का कारण बनते हैं जो आमतौर पर समय के साथ ठीक हो जाती है। तरीका शुरू करने के बाद कोई भी नया या बिगड़ता लक्षण होने पर समीक्षा करवानी चाहिए।

एक आम धारणा

कुछ लोग तब तक इंतजार करते हैं जब तक कोई तरीका विफल न हो जाए।

असल में क्या होता है

लेकिन जल्दी समीक्षा से निकले हुए आईयूडी, संक्रमण, या आपकी सेहत के अनुकूल न होने वाले तरीके का पता लगाया जा सकता है। हार्मोनल आईयूडी और इम्प्लांट अक्सर शुरू में अनियमित रक्तस्राव का कारण बनते हैं, जो सामान्य है, लेकिन लगातार भारी रक्तस्राव या दर्द की जांच जरूरी है। कॉपर आईयूडी शुरू में मासिक धर्म का प्रवाह बढ़ा सकता है।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

स्त्री रोग ओपीडी में कॉल करके समीक्षा का समय लें। अपने वर्तमान तरीके के रिकॉर्ड साथ लाएं। डॉक्टर आपकी जांच करेंगे, जरूरत पड़ने पर डिवाइस चेक करेंगे, और आपकी योजना समायोजित करेंगे। अधिकांश समीक्षाएं त्वरित होती हैं और आउटपेशेंट विजिट के रूप में की जाती हैं।

परिणाम मेरे गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन के देखभाल प्लान को कैसे बदलेंगे?

संक्षेप में

जयपुर हॉस्पिटल में जाँच के परिणाम सीधे तय करते हैं कि आपके लिए कौन से गर्भनिरोधक तरीके सुरक्षित और उपयुक्त हैं। सामान्य परिणाम आमतौर पर सभी विकल्पों की अनुमति देते हैं। असामान्य नतीजे जैसे हाई ब्लड प्रेशर, असामान्य क्लॉटिंग, एनीमिया, या सक्रिय संक्रमण (इन्फेक्शन) कॉम्बाइंड हार्मोनल तरीकों को सीमित कर सकते हैं या IUCD डालने में तब तक देरी कर सकते हैं जब तक समस्या काबू में न आ जाए।

विस्तार से

अगर ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है या कोएगुलेशन स्टडी में थ्रॉम्बोसिस का खतरा बढ़ा हुआ दिखता है, तो कॉम्बाइंड पिल्स, वेजाइनल रिंग, और पैच आमतौर पर नहीं दिए जाते।

सबूत प्रोजेस्टिन-ओनली तरीकों, कॉपर IUCD, या इम्प्लांट को अधिक सुरक्षित विकल्प के रूप में समर्थन करते हैं। अगर हीमोग्लोबिन कम है, तो डॉक्टर पहले एनीमिया का इलाज कर सकते हैं क्योंकि कॉपर IUCD मासिक धर्म का रक्तस्राव बढ़ा सकता है।

प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आने पर IUCD डालना टाल दिया जाता है और प्रेगनेंसी के विकल्पों पर चर्चा की जाती है।

अगर सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन की स्क्रीनिंग पॉजिटिव है, तो किसी भी इंट्रायूटेरिन प्रक्रिया से पहले इलाज दिया जाता है ताकि पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज का खतरा कम हो।

अल्ट्रासाउंड में फाइब्रॉएड दिखने पर जो यूटेरिन कैविटी को विकृत करते हैं, IUCD लगाना मुश्किल हो सकता है, इसलिए इम्प्लांट या इंजेक्टेबल को प्राथमिकता दी जा सकती है। डॉक्टर हर परिणाम की आपके साथ समीक्षा करते हैं और प्लान को उसी के अनुसार एडजस्ट करते हैं।

एक आम धारणा

कुछ महिलाओं को डर होता है कि असामान्य परिणाम का मतलब है कि वे कोई गर्भनिरोधक नहीं अपना सकतीं।

असल में क्या होता है

यह सच नहीं है। लगभग हमेशा एक सुरक्षित विकल्प होता है। प्रोजेस्टिन-ओनली तरीके, कॉपर IUCD, और इम्प्लांट अधिकांश मेडिकल कंडीशन में अच्छा काम करते हैं। प्लान आपके शरीर के अनुसार ढलता है, न कि इसके विपरीत।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

आपको स्पष्ट व्याख्या मिलेगी कि प्रत्येक परिणाम आपके विकल्पों को कैसे प्रभावित करता है। देखभाल प्लान उसी विज़िट पर या एक छोटे फॉलो-अप पर अपडेट किया जाता है।

अधिकांश एडजस्टमेंट में गर्भनिरोधक पूरी तरह बंद करने के बजाय एक सुरक्षित तरीके पर स्विच करना शामिल होता है। टीम यह सुनिश्चित करती है कि आप एक प्रभावी विकल्प के साथ जाएं जो आपकी स्वास्थ्य स्थिति से मेल खाता हो। जयपुर हॉस्पिटल में परामर्श बुक करें ताकि आपके परिणामों की समीक्षा हो और आपका प्लान फाइनल हो सके।

गर्भनिरोधक इलाज के बाद लक्षण बने रहें या बढ़ जाएँ तो मुझे क्या करना चाहिए?

संक्षेप में

अगर आपको तेज़ पेल्विक दर्द (पेट के निचले हिस्से में), बिना वजह बुख़ार, असामान्य योनि स्राव, गर्भाशय ग्रीवा या योनि में डिवाइस महसूस हो, या गर्भधारण का शक हो, तो तुरंत जयपुर हॉस्पिटल से संपर्क करें। ये लक्षण किसी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं जिनकी जाँच ज़रूरी है। आपका सर्जन बताएगा कि डिवाइस निकालना है या आगे इलाज चाहिए।

विस्तार से

सबूत बताते हैं कि IUCD निकालने के चेतावनी संकेत हैं: तेज़ पेल्विक दर्द, बुख़ार, असामान्य स्राव, डिवाइस महसूस होना, या गर्भधारण के लक्षण जैसे पॉज़िटिव टेस्ट या माहवारी न आना।

इम्प्लांट के लिए, लगाने की जगह पर लगातार दर्द, संक्रमण के लक्षण, या गर्भधारण का शक होने पर भी जाँच ज़रूरी है।

गंभीर जटिलताएँ (कॉम्प्लिकेशन) कम होती हैं पर इनमें डिवाइस का निकल जाना, छेद होना (परफोरेशन), या संक्रमण शामिल हैं, आमतौर पर लगाने के तुरंत बाद।

खून बहने के बदलाव आम हैं और अक्सर अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन बहुत ज़्यादा या लंबे समय तक खून बहे तो जाँच करवाएँ। आपका सर्जन डिवाइस की पोज़ीशन देखेगा और संक्रमण या गर्भधारण को रूल आउट करेगा।

एक आम धारणा

कुछ लोग इंतज़ार करते हैं कि लक्षण अपने आप जाएँगे।

असल में क्या होता है

लेकिन बुख़ार या तेज़ दर्द संक्रमण या डिवाइस खिसकने का संकेत हो सकते हैं। जल्दी दिखाने से जटिलताएँ रुकती हैं। अकेले खून बहने के बदलाव अक्सर नॉर्मल हैं, लेकिन दर्द या बुख़ार के साथ हों तो ध्यान देना पड़ता है।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

डिवाइस खुद निकालने की कोशिश न करें। काम के घंटों में जयपुर हॉस्पिटल को कॉल करें या लक्षण गंभीर हों तो इमरजेंसी विभाग जाएँ। अगर आपके पास इंसर्शन कार्ड है तो साथ ले जाएँ। सर्जन जाँच या अल्ट्रासाउंड (सोनोग्राफी) कर सकता है।

ज़्यादातर समस्याएँ दवा या सिंपल निकालने से ठीक हो जाती हैं। फॉलो-अप आमतौर पर कुछ दिनों में होता है। अपने लक्षणों का रिकॉर्ड रखें ताकि विज़िट पर बता सकें।

सामान्य इस्तेमाल में गर्भनिरोधक तरीका कितना असरदार है?

संक्षेप में

असर तरीके के हिसाब से अलग होता है। इंट्रायूटेराइन डिवाइस और इम्प्लांट सामान्य इस्तेमाल में 99% से ज़्यादा असरदार हैं। कॉपर IUCD इमरजेंसी गर्भनिरोधक के तौर पर भी 99% से ज़्यादा असरदार है। इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियाँ लगभग 85% असरदार हैं। स्टेरिलाइज़ेशन 99% से ज़्यादा असरदार है। जयपुर हॉस्पिटल काउंसलिंग के दौरान हर विकल्प के सामान्य-इस्तेमाल रेट बताएगा।

विस्तार से

सबूत दिखाते हैं IUD और इम्प्लांट की फेल्योर रेट प्रति साल 1% से कम है। कॉपर IUCD तुरंत काम करता है और पाँच से दस साल चलता है। हार्मोनल IUCD ब्रांड के हिसाब से तीन से आठ साल चलता है।

इम्प्लांट पाँच साल तक चलता है। ओरल गर्भनिरोधक गोलियाँ परफेक्ट यूज़ में 99% तक असरदार हैं लेकिन सामान्य इस्तेमाल में लगभग 93% क्योंकि डोज़ मिस हो जाती हैं। कंडोम परफेक्ट यूज़ में 98% तक असरदार, सामान्य इस्तेमाल में कम।

इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियाँ: उलिप्रिस्टल एसीटेट पाँच दिन तक, लेवोनोर्जेस्ट्रेल चार दिन तक; देरी के साथ असर कम होता है। आपका सर्जन बताएगा कि सामान्य-इस्तेमाल रेट आपके चुने तरीके पर कैसे लागू होते हैं।

  • सबूत दिखाते हैं IUD और इम्प्लांट की फेल्योर रेट प्रति साल 1% से कम है।
  • कंडोम परफेक्ट यूज़ में 98% तक असरदार, सामान्य इस्तेमाल में कम।

एक आम धारणा

लोग अक्सर परफेक्ट-यूज़ नंबर बताते हैं।

असल में क्या होता है

सामान्य इस्तेमाल ज़्यादा मायने रखता है — मिस्ड पिल्स असर कम करती हैं। लॉन्ग-एक्टिंग तरीके यूज़र एरर हटाते हैं, इसलिए उनके सामान्य और परफेक्ट रेट लगभग बराबर होते हैं।

जयपुर हॉस्पिटल में आपका अगला कदम

काउंसलिंग में आपको हर तरीके का सामान्य-इस्तेमाल असर बताया जाएगा। सोचें कि आप कितनी लगातार एक तरीका इस्तेमाल कर सकते हैं — रोज़ की गोलियों को रूटीन चाहिए, जबकि IUD और इम्प्लांट बिना रोज़ के काम किए चलते हैं। फॉलो-अप विज़िट लगातार सुरक्षा पक्की करती हैं।

जब आप हमसे संपर्क करते हैं

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जयपुर हॉस्पिटल से संपर्क करें स्त्री रोग OPD कंसल्टेशन के लिए, ज़रूरत पड़ने पर इन-हाउस टेस्ट, विकल्पों की साफ़ व्याख्या, अनुमानित खर्च, कैशलेस योजना में मदद और फॉलो-अप केयर के लिए।

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पूरी जानकारी

गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन: ज़रूरी जानकारी

गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन का मतलब

गर्भनिरोधक शुक्राणु को अंडे से मिलने से रोककर गर्भावस्था से बचाता है। परिवार नियोजन लोगों को अपनी इच्छा के अनुसार बच्चों की संख्या तय करने और गर्भावस्था के अंतर को निर्धारित करने में मदद करता है। यह गर्भनिरोधक तरीकों के उपयोग और बांझपन के इलाज से हासिल होता है। गर्भनिरोधक तक पहुंच, बच्चों की संख्या और अंतर तय करने के मौलिक मानव अधिकार को सहारा देती है।

अनचाही गर्भावस्था रोकने के लिए कई अलग-अलग गर्भनिरोधक विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें अस्थायी (रिवर्सिबल) और लंबे समय तक चलने वाले तरीके शामिल हैं। इम्प्लांट, इंट्रायूटेराइन डिवाइस (आईयूडी), इंजेक्शन, गोलियां, वेजाइनल रिंग, बैरियर तरीके, नसबंदी, आपातकालीन गर्भनिरोधक और प्राकृतिक तरीके उपलब्ध हैं। लंबे समय तक चलने वाला रिवर्सिबल गर्भनिरोधक (LARC) कई सालों तक सुरक्षित और असरदार गर्भनिरोधक देता है।

कॉपर आईयूडी गर्भाशय में कॉपर छोड़ता है और इसमें हार्मोन नहीं होते। यह 10 साल तक उपयोग के लिए मान्य है। हार्मोनल आईयूडी गर्भाशय में प्रोजेस्टिन नामक हार्मोन छोड़ता है और ब्रांड के आधार पर 3 से 8 साल तक उपयोग के लिए मान्य है।

गर्भनिरोधक इम्प्लांट एक लचीली प्लास्टिक की रॉड होती है, लगभग माचिस की तीली के आकार की, जिसे ऊपरी बांह की त्वचा के नीचे लगाया जाता है। यह प्रोजेस्टिन छोड़ता है और 5 साल तक उपयोग के लिए मान्य है। नसबंदी गर्भनिरोधक का एक तरीका है जिसमें सर्जरी (ऑपरेशन) की जाती है।

कंडोम एकमात्र ऐसा तरीका है जो गर्भावस्था और यौन संचारित संक्रमणों, जिसमें HIV शामिल है, दोनों को रोक सकता है।

लक्षण और चेतावनी संकेत जिनमें उसी दिन तत्काल देखभाल की जरूरत हो

आईयूडी या इम्प्लांट के साथ तत्काल संकेत
  • तेज़ पेल्विक दर्द
  • बिना कारण बुखार
  • असामान्य योनि स्राव
  • सर्विक्स या योनि में आईयूडी महसूस होना
  • गर्भावस्था के संकेत
इमरजेंसी? 0141 255 1500 पर कॉल करें, 24×7

जब आप आईयूडी का उपयोग करते हैं, तो मासिक धर्म के रक्तस्राव में बदलाव सामान्य हैं और हानिकारक नहीं हैं। कॉपर आईयूडी के साथ, उपयोग के पहले महीनों में दर्दनाक मासिक धर्म और रक्तस्राव बढ़ सकता है। हार्मोनल आईयूडी के कारण पहले महीनों में बार-बार स्पॉटिंग, रक्तस्राव के दिनों में वृद्धि और भारी रक्तस्राव हो सकता है। इम्प्लांट मासिक धर्म के रक्तस्राव में बदलाव ला सकता है; सबसे आम बदलाव अप्रत्याशित रक्तस्राव है।

अगर आपको निम्न में से कोई भी लक्षण हो तो अपने डॉक्टर को बुलाएं:

  • तेज़ पेल्विक दर्द
  • बिना कारण बुखार
  • असामान्य योनि स्राव
  • आईयूडी का सर्विक्स या योनि में महसूस होना
  • गर्भावस्था के संकेत जैसे पॉजिटिव होम प्रेगनेंसी टेस्ट, मासिक धर्म न आना, मतली या स्तन में कोमलता

दुर्लभ मामले में अगर आईयूडी लगे हुए गर्भावस्था हो जाती है, तो एक्टोपिक प्रेगनेंसी (बच्चेदानी के बाहर गर्भ) की संभावना अधिक होती है। यह एक गंभीर स्थिति है जिसमें तुरंत चिकित्सा ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर इम्प्लांट लगे हुए गर्भावस्था होती है, तो एक्टोपिक प्रेगनेंसी का थोड़ा बढ़ा हुआ जोखिम होता है।

अनचाही गर्भावस्था के कारण और किन्हें अधिक जोखिम है

कॉम्बाइंड पिल की पाबंदियां
  • 35 वर्ष और उससे अधिक धूम्रपान की आयु सीमा
  • 35 kg/m2 से अधिक BMI सीमा

अनचाही गर्भावस्था तब हो सकती है जब कोई गर्भनिरोधक उपयोग न किया जाए, या कोई तरीका विफल हो जाए या गलत तरीके से उपयोग किया जाए। गर्भावस्था के खिलाफ कोई भी गर्भनिरोधक तरीका पूरी तरह प्रभावी नहीं है। प्रत्येक तरीके की प्रभावशीलता अलग-अलग होती है।

गर्भनिरोधक प्रभावशीलता दवा या उपकरण की प्रभावकारिता, व्यक्तिगत प्रजनन क्षमता, सहवास की आवृत्ति, और उपयोगकर्ता के पालन और निरंतरता के संयोजन से निर्धारित होती है। उल्टी, गंभीर दस्त और कुछ दवाएं गोली के असर को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ दवाएं जिनमें प्राकृतिक उपचार शामिल हैं, गोली में हस्तक्षेप कर सकती हैं और इसे काम करने से रोक सकती हैं।

कुछ दवाएं और प्राकृतिक चिकित्सा वेजाइनल रिंग की प्रभावशीलता में हस्तक्षेप कर सकती हैं। प्राकृतिक परिवार नियोजन तरीके कुल मिलाकर गर्भनिरोधक के अन्य रूपों जितने प्रभावी नहीं हैं। इनमें से कुछ तरीके नियमित मासिक धर्म चक्र पर निर्भर करते हैं। अगर आपके पीरियड अनियमित हैं, तो गर्भवती होने की संभावना अधिक होती है।

विदड्रॉल तरीके (बाहर निकालना) की सिफारिश नहीं की जाती क्योंकि प्री-इजैकुलेट में शुक्राणु मौजूद होने या समय पर लिंग न निकाल पाने का जोखिम होता है। आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों को आपके गर्भनिरोधक के सामान्य तरीके के रूप में अनुशंसित नहीं किया जाता।

कुछ स्वास्थ्य स्थितियां प्रभावित करती हैं कि कौन से तरीके उपयुक्त हैं।

कॉम्बाइंड पिल (संयुक्त गोली) उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प नहीं हो सकती जो:

  • धूम्रपान करते हैं (35 वर्ष और उससे अधिक)
  • जिनका BMI 35 kg/m2 से अधिक है
  • जिन्हें डीप वेन थ्रोम्बोसिस, हृदय रोग या स्ट्रोक का खतरा है
  • जिन्हें गंभीर लीवर रोग है
  • जिन्हें स्तन कैंसर का इलाज मिला है

वेजाइनल रिंग पर भी इसी तरह की पाबंदियां लागू होती हैं। ओएस्ट्रोजन युक्त तरीके वेनस थ्रोम्बोसिस का खतरा बढ़ाते हैं। पॉजिटिव एंटीफॉस्फोलिपिड एंटीबॉडी वाली महिलाओं में, संयुक्त हार्मोन वाले गर्भनिरोधक को हतोत्साहित किया जाना चाहिए। प्रोजेस्टिन-ओनली और नॉन-हार्मोनल तरीके दुर्लभ गंभीर जोखिमों से जुड़े हैं।

लंबे समय तक चलने वाले रिवर्सिबल तरीके जैसे इंट्रायूटेराइन डिवाइस या इम्प्लांट, किशोरों के लिए उनकी जरूरतों और प्राथमिकताओं के आधार पर अच्छे विकल्प हो सकते हैं। आईयूडी सभी रोगियों को दिए जा सकते हैं जब तक कि कोई स्त्री रोग संबंधी मतभेद न हो। आईयूडी स्तनपान के दौरान सुरक्षित हैं और अन्य दवाओं से प्रभावित नहीं होते।

गर्भनिरोधक जरूरतों का आकलन कैसे किया जाता है: जांच और टेस्ट

सही तरीका चुनना प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य, प्राथमिकताओं और जरूरतों पर निर्भर करता है। आपके लिए सही गर्भनिरोधक तरीका चुनते समय, सही जानकारी होना महत्वपूर्ण है।

संभावित दुष्प्रभाव, उपयोग में आसानी, लागत, सामान्य स्वास्थ्य, जीवनशैली और रिश्ते, सुरक्षा और STI का जोखिम, गर्भवती होने की इच्छा, तरीका बंद करने की क्षमता, और इसमें लगने वाला प्रयास और समय विचार करने के कारक हैं:

  • संभावित दुष्प्रभाव
  • उपयोग में आसानी
  • लागत
  • सामान्य स्वास्थ्य
  • जीवनशैली और रिश्ते
  • सुरक्षा और STI का जोखिम
  • गर्भवती होने की इच्छा
  • तरीका बंद करने की क्षमता
  • प्रयास और समय शामिल

गर्भनिरोधक की जरूरत के कारणों में हार्मोनल लाभ शामिल हो सकते हैं जैसे:

हार्मोनल गर्भनिरोधक मासिक धर्म चक्र से संबंधित हार्मोनल परिवर्तनों से जुड़ी चिकित्सा स्थितियों में सुधार कर सकते हैं, जैसे मुंहासे, एंडोमेट्रियोसिस, और प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर। कॉम्बाइंड ओरल गर्भनिरोधक का उपयोग भारी मासिक धर्म रक्तस्राव, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS), एंडोमेट्रियोसिस और मुंहासे के इलाज के लिए किया जा सकता है।

प्रोजेस्टोजन-ओनली पिल आमतौर पर उन लोगों को सूट करती है जिन्हें ओएस्ट्रोजन लेने पर दुष्प्रभाव होते हैं या स्वास्थ्य कारणों से ओएस्ट्रोजन नहीं ले सकते। प्रोजेस्टोजन-ओनली पिल का उपयोग स्तनपान के दौरान किया जा सकता है और बच्चे के जन्म के बाद शुरू करना सुरक्षित है।

अपने डॉक्टर, नर्स या फार्मासिस्ट से जांच करें कि आपके लिए कौन से विकल्प काम करेंगे। स्वास्थ्य कार्यकर्ता की सलाह लोगों को उपयुक्त गर्भनिरोधक तरीकों की पहचान करने में मदद कर सकती है।

WHO दिशानिर्देशों में शामिल सभी गर्भनिरोधक तरीकों का सुरक्षा, प्रभावकारिता और प्रभावशीलता के लिए कठोर परीक्षण किया गया है, और अधिकांश व्यक्तियों के लिए सुरक्षित माने जाते हैं। आधुनिक गर्भनिरोधक तरीके बांझपन का कारण नहीं बनते।

गैर-सर्जिकल और सर्जिकल गर्भनिरोधक विकल्प

सामान्य तरीकों की प्रभावशीलता
  • 99% से अधिक आईयूडी और इम्प्लांट
  • लगभग 85% आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली
  • 99% से अधिक कॉपर आईयूडी आपातकालीन गर्भनिरोधक के रूप में
  • 98% तक कंडोम (पुरुष)

इंट्रायूटेराइन डिवाइस और सबडर्मल इम्प्लांट की प्रभावशीलता सबसे अधिक है। आईयूडी और इम्प्लांट गर्भावस्था रोकने के लिए उपलब्ध सबसे प्रभावी (99% से अधिक) गर्भनिरोधक हैं। इम्प्लांट 3 साल तक चलता है और 99% से अधिक प्रभावी है। कॉपर आईयूडी 10 साल तक उपयोग के लिए मान्य है।

हार्मोनल आईयूडी ब्रांड के आधार पर 3 से 8 साल तक उपयोग के लिए मान्य हैं। समय के साथ, हार्मोनल आईयूडी मासिक धर्म के दर्द और भारी मासिक धर्म रक्तस्राव को कम करने में मदद करते हैं। कॉपर आईयूडी का उपयोग आपातकालीन गर्भनिरोधक के रूप में भी किया जा सकता है।

कॉपर आईयूडी आपातकालीन गर्भनिरोधक का सबसे प्रभावी तरीका है (99% से अधिक)। इसे असुरक्षित यौन संबंध के 5 दिनों के भीतर लगाया जा सकता है। आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली गर्भावस्था रोकने में लगभग 85% प्रभावी है। इसे असुरक्षित यौन संबंध के बाद जल्द से जल्द लेना चाहिए।

ओरल गर्भनिरोधक गोलियां, अगर सही तरीके से उपयोग की जाएं, तो गर्भावस्था रोकने में बहुत प्रभावी (99% तक) हैं। अगर आप गलती करते हैं जैसे गोली भूल जाना, तो प्रभावशीलता घटकर 93% रह जाती है। वेजाइनल रिंग सही उपयोग के साथ कम से कम 99% प्रभावी है। कंडोम सही तरीके से उपयोग करने पर 98% तक प्रभावी हैं।

आंतरिक कंडोम हर बार सही तरीके से उपयोग करने पर 95% प्रभावी हैं। गर्भनिरोधक के बैरियर तरीके शुक्राणु को गर्भाशय में जाने से रोककर गर्भावस्था को रोकते हैं। कंडोम यौन संचारित संक्रमणों (STI) के खिलाफ उपलब्ध सबसे उपयुक्त सुरक्षा हैं। LARC तरीके आपको STI से नहीं बचाते। इंजेक्शन आपको और आपके पार्टनर को STI से नहीं बचाते।

गोली आपको STI से नहीं बचाती इसलिए सेक्स करते समय कंडोम जैसे बैरियर सुरक्षा का उपयोग करें। वेजाइनल रिंग STI से सुरक्षा प्रदान नहीं करती इसलिए सेक्स करते समय कंडोम जैसे बैरियर सुरक्षा का उपयोग करें। डायाफ्राम आपको या आपके पार्टनर को STI से नहीं बचाता। प्राकृतिक तरीके आपको STI से नहीं बचाते।

नसबंदी में एक सर्जरी (ऑपरेशन) प्रक्रिया शामिल होती है और यह 99% से अधिक प्रभावी है। ट्यूबल लिगेशन आमतौर पर लेप्रोस्कोपी नामक कीहोल प्रक्रिया के रूप में जनरल एनेस्थीसिया (पूरी बेहोशी) के तहत किया जाता है। एक सर्जन प्रत्येक फैलोपियन ट्यूब पर एक क्लिप लगाकर शुक्राणु और अंडे को मिलने से रोकता है।

वासेक्टोमी एक त्वरित और आसान प्रक्रिया है जो आमतौर पर लोकल एनेस्थीसिया (उस जगह को सुन्न करना) के तहत की जाती है। इसमें अंडकोष से लिंग तक शुक्राणु ले जाने वाली नलियों को काटा जाता है। इस दौरान गर्भनिरोधक के दूसरे रूप का उपयोग करें और अपने डॉक्टर के साथ शुक्राणु परीक्षण करवाएं।

आईयूडी को गर्भपात, मिसकैरेज या प्रसव के तुरंत बाद लगाया जा सकता है। इसका उपयोग स्तनपान के दौरान किया जा सकता है। इम्प्लांट को आपके मासिक धर्म चक्र के किसी भी समय लगाया जा सकता है बशर्ते यह यथोचित रूप से निश्चित हो कि आप गर्भवती नहीं हैं।

अगर आप गर्भवती होना चाहती हैं या इसका उपयोग बंद करना चाहती हैं, तो आप आईयूडी निकलवा सकती हैं। आप निकलवाने के तुरंत बाद गर्भवती होने की कोशिश शुरू कर सकती हैं। आईयूडी का उपयोग आपकी भविष्य में गर्भवती होने की क्षमता को प्रभावित नहीं करता।

इम्प्लांट को आसानी से निकाला जा सकता है और यह भविष्य में आपके गर्भवती होने को नहीं रोकेगा। आईयूडी को डॉक्टर या नर्स द्वारा आसानी से निकाला जा सकता है और यह आपके गर्भवती होने की संभावना को नहीं रोकेगा। अगर आप इंजेक्शन बंद करते हैं, तो आपकी प्रजनन क्षमता लौटने में कुछ समय लग सकता है।

गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन प्रक्रियाओं की तैयारी

किसी भी प्रक्रिया से पहले, आपका डॉक्टर या नर्स के साथ एक काउंसलिंग सत्र होगा।

वे आपसे पूछेंगे:

  • चिकित्सा इतिहास
  • वर्तमान दवाएं
  • एलर्जी
  • क्या आप गर्भवती हो सकती हैं

अगर आप खून पतला करने की दवा लेते हैं या आपको ब्लीडिंग डिसऑर्डर है, तो टीम को बताएं ताकि वे सुरक्षित योजना बना सकें। इंट्रायूटेराइन डिवाइस (IUCD) लगवाने या सबडर्मल इम्प्लांट के लिए किसी विशेष उपवास की जरूरत नहीं है। लेप्रोस्कोपिक ट्यूबल लिगेशन के लिए, आपको आमतौर पर प्रक्रिया से छह घंटे पहले खाने-पीने से मना किया जाएगा।

अपनी दवाओं की सूची, हाल की कोई टेस्ट रिपोर्ट, और अपना बीमा या योजना कार्ड साथ लाएं:

  • अपनी दवाओं की सूची
  • हाल की कोई टेस्ट रिपोर्ट
  • आपका बीमा या योजना कार्ड

ढीले, आरामदायक कपड़े पहनें और एक अटेंडेंट की व्यवस्था करें जो आपको घर ले जाए, खासकर अगर आप जनरल एनेस्थीसिया (पूरी बेहोशी) के तहत लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया करवा रहे हैं।

गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन की प्रक्रियाएं कैसे की जाती हैं

आम प्रक्रियाएं कैसे की जाती हैं
  1. IUCD लगाना स्पेकुलम लगाया जाता है, सर्विक्स साफ किया जाता है, उपकरण गर्भाशय में डाला जाता है; लगभग 15 मिनट, आमतौर पर एनेस्थीसिया की जरूरत नहीं
  2. सबडर्मल इम्प्लांट बांह को सुन्न किया जाता है, लचीली रॉड को इन्सर्टर से त्वचा के नीचे रखा जाता है; कुछ मिनट लगते हैं

काउंसलिंग के बाद आप जो तरीका चुनते हैं, उसी के हिसाब से प्रक्रिया होती है। IUCD लगाने के लिए, योनि में स्पेकुलम लगाया जाता है, गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) को साफ किया जाता है, और कॉपर टी या हार्मोनल IUS को सर्विक्स के रास्ते गर्भाशय में पहुंचाया जाता है।

इस प्रक्रिया में लगभग 15 मिनट लगते हैं और आमतौर पर एनेस्थीसिया (बेहोशी) की जरूरत नहीं होती। सबडर्मल इम्प्लांट के लिए, बांह के अंदरूनी ऊपरी हिस्से को लोकल एनेस्थीसिया (उस जगह को सुन्न करना) से सुन्न किया जाता है और एक खास इन्सर्टर की मदद से लचीली रॉड को त्वचा के नीचे रखा जाता है; इसमें कुछ मिनट लगते हैं।

लेप्रोस्कोपिक ट्यूबल लिगेशन के लिए, पेट में छोटे चीरे लगाए जाते हैं, एक कैमरा और उपकरण डाले जाते हैं, और प्रत्येक फैलोपियन ट्यूब पर एक क्लिप लगाकर शुक्राणु और अंडे को मिलने से रोका जाता है। यह जनरल एनेस्थीसिया (पूरी बेहोशी) के तहत किया जाता है और इसमें लगभग 30 मिनट लगते हैं।

आपातकालीन गर्भनिरोधक के लिए, असुरक्षित यौन संबंध के पांच दिन (120 घंटे) के भीतर कॉपर IUCD लगाया जा सकता है, या आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली जल्द से जल्द ली जा सकती है। सभी प्रक्रियाएं डे केयर (दिन में भर्ती) के रूप में की जाती हैं; आप उसी दिन घर जा सकते हैं।

गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन प्रक्रियाओं के जोखिम और संभावित जटिलताएं

आम साइड इफेक्ट
सिरदर्द
हार्मोनल तरीकों के साथ हो सकता है
मतली
हार्मोनल तरीकों के साथ हो सकता है
स्तन में कोमलता
हार्मोनल तरीकों के साथ हो सकता है
मूड बदलना
हार्मोनल तरीकों के साथ हो सकता है

IUCD से गंभीर जटिलताएं (कॉम्प्लिकेशन) दुर्लभ हैं। कुछ मामलों में उपकरण गर्भाशय से पूरी तरह या आंशिक रूप से बाहर आ सकता है; यह जोखिम किशोरियों, भारी मासिक धर्म रक्तस्राव वाली महिलाओं में और प्रसव के तुरंत बाद लगाने पर अधिक होता है।

IUCD लगाते समय गर्भाशय की दीवार को छेद सकता है; यह लगभग 1,000 में से 1 मामले में होता है और तब उपकरण को निकालना पड़ता है। लगाने के बाद पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज बहुत कम होती है; जिन महिलाओं को लगाते समय अनडायग्नोज्ड यौन संचारित संक्रमण होता है, उनमें इसकी आशंका अधिक होती है।

कॉपर IUCD के साथ, उपयोग के पहले महीनों में दर्दनाक माहवारी और रक्तस्राव बढ़ सकता है। हार्मोनल IUCD से पहले महीनों में बार-बार स्पॉटिंग, रक्तस्राव के दिन अधिक होना और भारी रक्तस्राव हो सकता है; समय के साथ रक्तस्राव की मात्रा और माहवारी का दर्द आमतौर पर कम हो जाता है और माहवारी पूरी तरह बंद हो सकती है।

इम्प्लांट से अप्रत्याशित रक्तस्राव हो सकता है; माहवारी कम बार आ सकती है और बंद हो सकती है, या कुछ मामलों में अधिक बार और लंबे समय तक आ सकती है।

अन्य दुष्प्रभावों में शामिल हो सकते हैं:

  • सिरदर्द
  • मतली
  • स्तन में कोमलता
  • मूड में बदलाव
  • पाचन संबंधी कठिनाइयां
  • स्तन में दर्द
  • वजन बढ़ना
  • मुंहासे

अगर IUCD लगे हुए गर्भधारण होता है, तो एक्टोपिक प्रेगनेंसी (बच्चेदानी के बाहर गर्भ) की आशंका अधिक होती है, जिसमें तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की जरूरत होती है। इम्प्लांट के साथ गर्भधारण होने पर एक्टोपिक प्रेगनेंसी का थोड़ा बढ़ा हुआ जोखिम होता है। लेप्रोस्कोपिक ट्यूबल लिगेशन में, किसी भी सर्जरी (ऑपरेशन) की तरह चोट का एक छोटा जोखिम होता है।

ओस्ट्रोजन युक्त तरीके वेनस थ्रोम्बोसिस (नसों में खून का थक्का) का जोखिम 2 से 10 घटनाएं प्रति 10,000 महिला-वर्ष से बढ़ाकर 7 से 10 घटनाएं प्रति 10,000 महिला-वर्ष कर देते हैं। केवल प्रोजेस्टिन और गैर-हार्मोनल तरीके दुर्लभ गंभीर जोखिमों से जुड़े हैं।

गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन प्रक्रियाओं के बाद रिकवरी (ठीक होना) और देखभाल

रिकवरी के पड़ाव
  1. उसी दिन IUCD या इम्प्लांट के बाद सामान्य गतिविधि शुरू कर सकते हैं
  2. लगभग एक हफ्ता भारी वजन उठाने और कड़ी कसरत से बचें

IUCD लगाने या इम्प्लांट लगाने के बाद, आप आमतौर पर उसी दिन सामान्य गतिविधि पर लौट सकते हैं। आपको हल्की ऐंठन या चोट (ब्रूजिंग) हो सकती है; बिना पर्ची की दर्द निवारक दवाएं मदद कर सकती हैं।

लेप्रोस्कोपिक ट्यूबल लिगेशन के बाद, चीरे वाली जगहों पर दर्द हो सकता है और सर्जरी के दौरान इस्तेमाल गैस से कंधे की नोक में दर्द हो सकता है; यह एक या दो दिन में ठीक हो जाता है। लगभग एक हफ्ते तक भारी सामान उठाने और कठिन व्यायाम से बचें। लगाने या चीरे वाली जगहों को साफ और सूखा रखें।

IUCD के लिए, आपको धागे (स्ट्रिंग्स) महसूस करना सिखाया जाएगा; अगर आप उन्हें महसूस न कर पाएं या उपकरण का कठोर प्लास्टिक महसूस हो, तो अस्पताल से संपर्क करें।

अगर आपको तेज पेल्विक दर्द, बिना कारण बुखार, असामान्य योनि स्राव, IUCD सर्विक्स या योनि में महसूस हो, या गर्भावस्था के लक्षण जैसे पॉजिटिव होम प्रेगनेंसी टेस्ट या माहवारी न आना और मतली या स्तन कोमलता हो, तो अस्पताल को कॉल करें या इमरजेंसी विभाग जाएं।

IUCD और इम्प्लांट को डॉक्टर या नर्स द्वारा किसी भी समय निकाला जा सकता है; निकालने के बाद प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) जल्दी लौट आती है। इंजेक्शन बंद करने के बाद, प्रजनन क्षमता लौटने में कुछ समय लग सकता है। ट्यूबल लिगेशन की प्रक्रिया अपरिवर्तनीय (इर्रिवर्सिबल) मानी जाती है; इसे चुनने से पहले इस पर पूरी चर्चा करें।

अगर आपको यौन संचारित संक्रमण से सुरक्षा चाहिए तो कंडोम का उपयोग करें, क्योंकि ये तरीके उनसे रक्षा नहीं करते।

परिणाम: गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन के तरीके कितने कारगर हैं

तरीकों की प्रभावशीलता
  • 99% से अधिक IUD और इम्प्लांट
  • 99% से अधिक कॉपर IUCD इमरजेंसी गर्भनिरोधक के रूप में
  • लगभग 85% इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली
  • लगभग 93% कॉम्बाइन्ड ओरल गर्भनिरोधक गोलियाँ (सामान्य उपयोग)

इंट्रायूटेराइन डिवाइस (IUCD) और सबडर्मल इम्प्लांट उलटे जा सकने वाले तरीकों में सबसे अधिक प्रभावी हैं, जिनकी विफलता दर प्रति वर्ष 1% से कम है। अध्ययनों (स्टडी) में, IUCD और इम्प्लांट गर्भावस्था रोकने में 99% से अधिक प्रभावी पाए गए हैं।

कॉपर IUCD आपातकालीन गर्भनिरोधक का सबसे प्रभावी रूप है; असुरक्षित यौन संबंध के पांच दिन के भीतर लगाने पर यह 99% से अधिक प्रभावी होता है और फिर इसे लगातार गर्भनिरोधक के लिए रखा जा सकता है। आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली गर्भावस्था रोकने में लगभग 85% प्रभावी होती है, जिसमें यूलिप्रिस्टल एसीटेट लेवोनोर्जेस्ट्रेल से अधिक प्रभावी होता है।

संयुक्त मौखिक गर्भनिरोधक गोलियां, अगर सही तरीके से ली जाएं, तो 99.5% तक प्रभावी होती हैं; सामान्य उपयोग (टिपिकल यूज) के साथ प्रभावशीलता घटकर लगभग 93% रह जाती है। गर्भनिरोधक इंजेक्शन समय पर दिए जाने पर 99% से अधिक प्रभावी होते हैं। कंडोम सही उपयोग के साथ 98% तक प्रभावी होते हैं। ट्यूबल लिगेशन 99% से अधिक प्रभावी होता है।

लंबे समय तक काम करने वाले उलटे जा सकने वाले तरीके जैसे IUCD और इम्प्लांट, किशोरों की जरूरतों और पसंद के अनुसार उनके लिए भी अच्छे विकल्प हैं। IUCD का उपयोग करने से भविष्य में इसे निकालने के बाद गर्भवती होने की आपकी क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता।

जयपुर में गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन का खर्च और बीमा

भारत में इन सेवाओं की सामान्य कीमत सीमा ₹500 से ₹15,000 है। सटीक खर्च चुने गए तरीके (कॉपर IUCD, हार्मोनल IUS, सबडर्मल इम्प्लांट, या लेप्रोस्कोपिक ट्यूबल लिगेशन), उपयोग किए गए उपकरण या सामान के प्रकार, एनेस्थीसिया की जरूरत है या नहीं, और किसी भी प्रक्रिया-पूर्व जांच पर निर्भर करता है। जयपुर हॉस्पिटल एक NABH मान्यता प्राप्त मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल है जिसकी स्थापना फरवरी 1991 में हुई थी।

यह इनके तहत मरीजों को स्वीकार करता है:

  • RGHS
  • मा योजना
  • CGHS
  • निजी बीमाकर्ताओं और TPA का एक पैनल

अस्पताल में 24×7 इमरजेंसी और एम्बुलेंस सेवाएं, इन-हाउस फार्मेसी, इन-हाउस डायग्नोस्टिक लैब और इमेजिंग, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, और गहन देखभाल सुविधाएं हैं। व्यक्तिगत अनुमानित खर्च (एस्टीमेट) के लिए, अस्पताल से 0141-2551500, 0141-2554139, या +91-7414-001-001 पर संपर्क करें, या [email protected] पर ईमेल करें। अस्पताल S16A-17, महावीर नगर, गोपालपुरा फ्लाईओवर के पास, मेन टोंक रोड, जयपुर, राजस्थान 302018 पर स्थित है।

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